
महाराष्ट्र चुनाव के नतीजे 23 नवंबर को आए थे. चुनाव नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की अगुवाई वाले सत्ताधारी गठबंधन महायुति को बड़ी जीत के साथ सरकार बनाने का जनादेश मिला था. सूबे की कुल 288 विधानसभा सीटों में से 233 सीटों पर महायुति को जीत मिली है. महाराष्ट्र चुनाव में महायुति की सुनामी किस कदर चली, इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कोई भी विरोधी पार्टी विपक्ष का नेता पद पाने के लिए जरूरी 29 सीट के आंकड़े तक भी नहीं पहुंच सकी. नतीजे आए चार दिन हो चुके हैं और इस अपार बहुमत के बावजूद मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए रार है. महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पर पेच फंसा हुआ है.
एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना ने सीएम पद पर दावा ठोकते हुए यह साफ कर दिया है कि वह डिप्टी सीएम पर नहीं मानेंगे. वहीं, बीजेपी आलाकमान ने अब देवेंद्र फडणवीस को दिल्ली तलब कर लिया है. देवेंद्र फडणवीस ने ये कहा है कि महायुति की तीनों पार्टियों के नेता साथ बैठकर फैसला करेंगे, मिलकर सरकार बनाएंगे. देवेंद्र फडणवीस से जब सीएम पद को लेकर सवाल हुआ तो वे बिना जवाब दिए ही निकल गए. दूसरी तरफ, बीजेपी नेता सुधीर मुनगंटीवार ने कहा है कि नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत से देखें तो हमें लगता है कि हमारा सीएम बनेगा.
उन्होंने यह भी कहा कि हमें स्पष्ट जनादेश मिला है. हम हर प्लान विस्तार से तय करने के लिए समय ले रहे हैं. सुधीर मुनगंटीवार ने ये भी कहा कि ऐसा पहली बार नहीं है जब सरकार गठन में समय लग रहा है. कर्नाटक में कांग्रेस ने भी समय लगाया था. सीएम के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसे लेकर कुछ नहीं कह सकता कि सीएम कौन बनेगा. केमिस्ट्री के पेपर में फिजिक्स के उत्तर नहीं लिख सकता. सरकार का चेहरा कौन होगा, ये दिल्ली में बैठी हमारी टॉप लीडरशिप तय करेगी.
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शिंदे गुट का क्या है दावा
एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना के सांसद संजय शिरसाट ने कहा है कि महायुति की शानदार जीत सिर्फ एकनाथ शिंदे की वजह से हुई है. चुनाव शिंदे के नाम पर लड़ा गया और वही मुख्यमंत्री की कुर्सी के हकदार हैं. संजय शिरसाट ने ये भी दावा किया है कि एकनाथ शिंदे डिप्टी सीएम का पद स्वीकार नहीं करेंगे.
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वहीं, शिवसेना के सूत्रों का दावा है कि विधानसभा चुनाव से पहले यह तय हुआ था कि महायुति को बहुमत मिला तो सीएम शिवसेना से ही बनाया जाएगा. सूत्रों का दावा है कि सीट शेयरिंग के लिए बीजेपी के शीर्ष नेताओं के साथ हुई बैठकों में यह तय हुआ था कि बीजेपी ज्यादा सीटों पर लड़ेगी और सरकार गठन में इस बात के कोई मायने नहीं होंगे कि कौन कितनी सीटें जीतकर आया है. शिंदे ही सीएम बनेंगे.
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बीजेपी के सीएम की डिमांड
बीजेपी के अंदर से ही नहीं, महायुति में शामिल दूसरे दलों से भी बीजेपी के सीएम की डिमांड उठ रही है. केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने एक दिन पहले ही बीजेपी का सीएम बनाने की मांग करते हुए कहा था कि एकनाथ शिंदे अगर डिप्टी सीएम के लिए तैयार नहीं होते हैं तो उन्हें केंद्र में मंत्री बना देना चाहिए. उन्होंने तो यहां तक कह दिया था कि शिंदे अगर इसके लिए तैयार नहीं होते हैं तो बीजेपी को अजित पवार के साथ मिलकर सरकार बनाना चाहिए. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख अजित पवार भी पहले ही यह स्पष्ट कह चुके हैं कि देवेंद्र फडणवीस अगर सीएम बनते हैं तो उन्हें या उनकी पार्टी को कोई ऐतराज नहीं है.