
मनी लॉन्ड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक और उनके बेटे विहंग सरनाईक को नया समन भेजा है. एजेंसी के सूत्रों ने पुष्टि की कि सरनाईक को इस सप्ताह गुरुवार को जांच में शामिल होने के लिए बुलाया गया है जबकि उनके बेटे विहंग को मंगलवार को जांच में शामिल होने के लिए बुलाया गया है.
पिछले मंगलवार को टॉप्स ग्रूप सुरक्षा सेवाओं से संबंधित 175 करोड़ रुपये की गड़बड़ी के मामले में शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक के घर और दफ्तर पर छापेमारी की गई थी. इसके बाद प्रताप सरनाईक और उनके बेटे विहंग को पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन कोरोना गाइडलाइन का हवाला देते हुए दोनों ने एक हफ्ते का वक्त मांगा था.
शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक के बेटे विहंग ने कहा था कि उसकी पत्नी हाइपर टेंशन के कारण अस्पताल में भर्ती है, इसलिए वह जांच में शामिल नहीं हो सकते. पिछले मंगलवार को विहंग से लगभग चार घंटे तक पूछताछ की गई थी.
ईडी के सूत्रों ने कहा कि विहंग को पहले तीन समन जारी किए गए थे, लेकिन वह एजेंसी के सामने पेश नहीं हो पाए थे .
अब विहंग सरनाईक को चौथी बार ईडी ने समन भेजा है, उन्हें मंगलवार को ईडी के बैलार्ड एस्टेट स्थित कार्यालय में उपस्थित होने के लिए कहा गया है. पिछले मंगलवार को ईडी ने 10 ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसमें शिवसेना प्रताप सरनाईक का घर-दफ्तर मिलाकर चार स्थान भी शामिल थे.
सूत्रों के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय ने मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा पिछले महीने टॉप्स ग्रूप सिक्योरिटी के खिलाफ दर्ज एक मामले के आधार पर एक ईसीआईआर दर्ज किया. आरोप है कि टॉप्स ग्रूप ने एमएमआरडीए (महाराष्ट्र मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी) को सुरक्षा गार्ड मुहैया कराने में 175 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की थी
इस बीच पिछले सप्ताह शुक्रवार को भी में ईडी द्वारा कुछ अन्य स्थानों पर भी छापे मारे गए. ईडी ने 25 नवंबर को शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक के करीबी दोस्त अमित चंदोले को गिरफ्तार किया था. ईडी के सूत्रों के अनुसार, चंदोले टॉप्स ग्रूप और सरनाईक के बीच में काम कर रहे थे।
क्या है पूरा मामला
MMRDA के साथ अनुबंध के अनुसार, MMRDA के विभिन्न स्थलों पर 500 सुरक्षा गार्ड तैनात किए जाने थे, लेकिन केवल 70 प्रतिशत गार्ड तैनात किए गए थे, जबकि MMRDA को सौ प्रतिशत के लिए बिल दिया गया था. इसमें लापता गार्ड के लिए पीएफ और ईएसआईसी शुल्क भी शामिल थे.