
मुंबई के प्रसिद्ध श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर की आय में बीते वित्तीय वर्ष (2024-25) में 16% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. मंदिर ने इस साल 133 करोड़ रुपये की कमाई की, जो पिछले साल (2023-24) की तुलना में ज्यादा है. मंदिर की कुल कमाई में भक्तों द्वारा दिए गए दान और चढ़ावे का सबसे बड़ा योगदान रहा. इसके अलावा, पूजा और अनुष्ठानों से 20 करोड़ रुपये की आय हुई.
मंदिर में मिलने वाले प्रसाद, जैसे लड्डू और नारियल वड़ी, की बिक्री में 32% की वृद्धि दर्ज की गई. हर दिन मंदिर ट्रस्ट करीब 10,000 लड्डू भक्तों को वितरित करता है. इस साल गुड़ी पड़वा के मौके पर मंदिर ने सोने-चांदी की नीलामी से 1.33 करोड़ रुपये कमाए. पिछले साल गुड़ी पड़वा पर यह कमाई 75 लाख रुपये थी, यानी इस साल इसमें लगभग दोगुनी बढ़ोतरी हुई.
समाज सेवा में खर्च होता है दान
मंदिर ट्रस्ट अपनी कुल आय का 20% समाज सेवा में खर्च करता है. इसमें गरीबों को चिकित्सा सहायता, डायलिसिस सेंटर का संचालन और 18 गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों की मदद शामिल है. इसके अलावा, मंदिर प्रशासन कॉलेज के छात्रों के लिए पुस्तक बैंक और अध्ययन कक्ष उपलब्ध कराता है. ट्रस्ट आत्महत्या करने वाले किसानों के बच्चों की पढ़ाई का खर्च भी उठाता है.
भविष्य में और ज्यादा कमाई की उम्मीद
श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर ट्रस्ट की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) वीणा पाटिल ने बताया कि भक्तों की संख्या में वृद्धि और प्रशासनिक सुधारों के कारण मंदिर की कमाई बढ़ी है. उन्होंने यह भी बताया कि मंदिर ट्रस्ट ने 2025-26 में 154 करोड़ रुपये की कमाई का लक्ष्य रखा है. वीणा पाटिल ने कहा, "हम यह सुनिश्चित करते हैं कि भक्तों द्वारा दिए गए दान का सही उपयोग हो और यह समाज की भलाई में लगाया जाए."