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मुंबई: 16 लोगों की मौत के बाद अब 8 बड़े होर्डिंग हटाने के निर्देश

मुंबई में रेलवे के पश्चिमी रेलवे-क्षेत्राधिकार के अंदर 8 बड़े होर्डिंग्स (यानी 40 x 40 फीट से ज्यादा) लगाए गए हैं, जो बीएमसी की नीति के अनुरूप नहीं हैं. इसलिए अब इन्हें हटाने के निर्देश दिए गए हैं.

तस्वीर उस होर्डिंग की है, जिसके गिरने पर 16 लोगों की मौत हो चुकी है. (File Photo) तस्वीर उस होर्डिंग की है, जिसके गिरने पर 16 लोगों की मौत हो चुकी है. (File Photo)
aajtak.in
  • मुंबई,
  • 18 मई 2024,
  • अपडेटेड 7:24 PM IST

मुंबई के घाटकोपर होर्डिंग हादसे में अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है. 74 लोग घायल हुए हैं. मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है. अब भी सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है. इस बीच मुंबई का जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) एक्शन में जुट गया है. डीडीएमए ने गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (जीआरपी) आयुक्त को दादर इलाके में एगो मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के आठ बड़े होर्डिंग्स को हटाने का निर्देश दिया. उनका कहना है कि ये होर्डिंग आम जनता के जीवन को खतरे में डाल सकते हैं.

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एजेंसी के मुताबिक बताया जा रहा है कि रेलवे के पश्चिमी रेलवे-क्षेत्राधिकार के अंदर 8 बड़े होर्डिंग्स (यानी 40 x 40 फीट से ज्यादा) लगाए गए हैं, जो बीएमसी की नीति के अनुरूप नहीं हैं. इस बीच रेस्क्यू ऑपरेशन भी चालू है. साथ ही एक ऐसे दंपति के बारे में भी जानकारी मिली है, जो घटना के बाद से लापता हैं. रिश्तेदारों को दंपति की लोकशन घटनास्थल के पास मिली है. हालांकि अब तक कुछ सुराग हाथ नहीं लग सका है. दंपति का बेटा भी अमेरिका से मुंबई पहुंच रहा है. परिजन और रिश्तेदारों को किसी चमत्कार की उम्मीद है.

16 लोगों की मौत, 74 घायल

दरअसल, 13 मई को मुंबई में अचानक तूफान आया और बारिश हुई. धूल भरी आंधी के साथ तेज हवाएं चलने से घाटकोपर के छेदा नगर इलाके में एक बड़ा होर्डिंग पेट्रोल पंप पर गिर गया और वीभत्स हादसा हो गया. सोमवार शाम से ही मौके पर बचाव अभियान चलाया गया. शुरुआत में 14 लोगों के शव मिले थे और 77 घायलों को अस्पताल भेजा गया था. गुरुवार सुबह तक मरने वालों की संख्या बढ़कर 16 हो गई और 74 घायल होने की खबर है. 32 को अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई है. 42 का अभी भी इलाज चल रहा है.

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मलबे में तलाशी अभियान जारी

जांच में सामने आया कि ये होर्डिंग अवैध था और 15 हजार वर्ग फीट से ज्यादा क्षेत्रफल में लगा था. इस होर्डिंग का नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी दर्ज चुका था. फिलहाल, एनडीआरएफ की टीमें मौके पर लगातार कैंप कर रही हैं और मलबे में तलाशी अभियान चला रही हैं.

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