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जानलेवा हाइवे: जहां हुआ साइरस मिस्त्री की कार का एक्सीडेंट, वहीं हुई 26 लोगों की मौत

टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री की कार एक्सीडेंट में जिस जगह पर मौत हुई. आंकड़ों को देखें तो मुंबई-अहमदाबाद हाइवे के इस 100 किमी के हिस्से पर इस साल की शुरुआत से अब तक 62 लोगों की मौत हो चुकी है. इसे लेकर अब हाइवे पुलिस ने एक डिटेल्ड रिपोर्ट भी शेयर की है.

साइरस मिस्त्री (Photo : PTI) साइरस मिस्त्री (Photo : PTI)
aajtak.in
  • मुंबई,
  • 18 सितंबर 2022,
  • अपडेटेड 10:00 PM IST

इस महीने की शुरुआत में टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री की एक कार एक्सीडेंट में मौत हो गई. मुंबई-अहमदाबाद हाइवे पर महाराष्ट्र के पालघर में जिस जगह पर उनकी मर्सडीज कार का एक्सीडेंट हुआ, उसे लेकर अब बड़ा खुलासा हुआ है. हाइवे पर मौजूद 100 किमी का ये स्ट्रेच जानलेवा साबित हो रहा है. इस साल की शुरुआत से अब तक इस 100 किमी की सड़क पर 262 से ज्यादा एक्सीडेंट हो चुके हैं.

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ठाणे से पालघर तक के जानलेवा 100 KM

आधिकारिक आंकड़ों को देखें तो मुंबई-अहमदाबाद हाइवे का ठाणे में घोड़बदंर से लेकर पालघर के दपचारी तक का 100 किमी का स्ट्रेच खूनी रास्ते जैसा हो चुका है. साइरस मिस्त्री का कार एक्सीडेंट यहां होने वाली पहली दुर्घटना नहीं है. बल्कि इस साल की शुरुआत से अब तक यहां 262 सड़क दुर्घटना हो चुकी हैं. इसमें 62 लोगों की जान जा चुकी है जबकि 192 लोग घायल हुए हैं. 

ओवर स्पीडिंग एक्सीडेंट का बड़ा कारण

अधिकारियों का कहना है कि कई दुर्घटनाओं में ड्राइवर का गलत जजमेंट और ओवर स्पीडिंग अहम कारण हैं. लेकिन सड़क का खराब रखरखाव, सही संख्या में साइन बोर्ड का नहीं होना और स्पीड कंट्रोल करने वाले उपायों की कमी भी इस स्ट्रेच पर एक्सीडेंट का बड़ा कारण है.

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जहां हुआ साइरस का एक्सीडेंट

महाराष्ट्र हाइवे पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि इस हाइवे पर चरोटी के पास जहां साइरस मिस्त्री की कार का 4 सितंबर को एक्सीडेंट हुआ. उसी के आसपास इस साल की शुरुआत से अब तक 25 बड़ी दुर्घटनाओं में 26 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं चिंचोटी के पास वाले स्ट्रेच पर 34 एक्सीडेंट में 25 लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि मानोर के पास 10 दुर्घटनाओं में 11 लोगों की जान गई है.

चरोटी है हाइवे का ब्लैक स्पॉट

अधिकारी ने बताया कि जब एक्सीडेंट के बारे में अध्ययन किया जाता है, तो सामने आता है कि चरोटी और मुंबई की तरफ जाने वाला करीब 500 मीटर का स्ट्रेच इस रास्ते पर ब्लैक स्पॉट है. यहां सूर्या नदी के पुल से पहले रोड पर तीव्र मोड़ है और मुंबई की तरफ जाने वाला रास्ता तीन लेन से छोटा होकर दो लेन में बदल जाता है.

जबकि पुल पर पहुंचने से पहले ड्राइवर को चेतावनी देने वाला कोई इफेक्टिव साइन बोर्ड यहां नहीं है और ना ही स्पीड को कम करने के लिए स्पीड ब्रेकर इस रास्ते में है. यही कारण है कि साइरस मिस्त्री की कार चला रही अनाहिता पंडोले हाइस्पीड में थी और फिर वो डिवाइडर से टकरा गई.  इस दुर्घटना में साइरस मिस्त्री और उनके दोस्त जहांगीर पंडोले पीछे की सीट पर बैठे थे और उनकी मौत हो गई. जबकि अनाहिता पंडोले और उनके पति दारियस पंडोले आगे की सीट पर थे और उन्हें गंभीर चोट आई हैं.

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अधिकारी ने कहा कि जिन लोगों के पास इस रोड के मेंटिनेंस का काम है, संभतया उन्होंने इंडियन रोड कांग्रेस की गाइडलाइंस को अनदेखा कर दिया.

 

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