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मुंबई की सत्र अदालत ने वकील शेखर जगताप को गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा दे दी है. उन पर महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी सरकार के शासनकाल के दौरान एक बिल्डर के खिलाफ कई मामलों में विशेष लोक अभियोजक के रूप में पेश होने के लिए कथित रूप से जाली दस्तावेज बनाने का मामला दर्ज किया गया है. न्यूज एजेंसी के मुताबिक, जगताप दूसरे व्यक्ति हैं जिन्हें इस मामले में पुलिस की किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा मिली है. इससे पहले महाराष्ट्र के संयुक्त सचिव किशोर भालेराव को अदालत द्वारा अंतरिम सुरक्षा दी गई थी.
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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश स्वप्निल तौशिकर ने राहत देते हुए कहा कि यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि मामले के जांच अधिकारी ने अब तक मंत्रालय (राज्य सचिवालय) से मंत्रियों के बयान दर्ज नहीं किए हैं और इसलिए आवेदक की सुरक्षा करना महत्वपूर्ण है. अदालत 14 मार्च को जगताप की अग्रिम जमानत याचिका पर फिर से सुनवाई करेगी. जगताप ने पहले अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और अंतरिम उपाय के रूप में गिरफ्तारी से सुरक्षा भी मांगी थी. हालांकि, कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए कहा था कि जगताप अग्रिम जमानत याचिका लेकर सेशन कोर्ट जा सकते हैं.
बिल्डर संजय पुनमिया की शिकायत के आधार पर पुलिस ने जगताप, बिल्डर श्यामसुंदर अग्रवाल, शरद अग्रवाल और राज्य गृह विभाग में उप सचिव किशोर भालेराव के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 465 (जालसाजी) के तहत मामला दर्ज किया था.
पुनामिया को जुलाई 2021 में मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह और अन्य के खिलाफ दर्ज 15 करोड़ रुपये की जबरन वसूली के मामले में गिरफ्तार किया गया था. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि मरीन ड्राइव मामले में उनकी गिरफ्तारी के बाद जगताप एक निजी वकील के रूप में श्यामसुंदर अग्रवाल का प्रतिनिधित्व करने के लिए 22 जुलाई, 2021 को अदालत में उपस्थित हुए थे.
दूसरी सुनवाई के दौरान आरोपी वकील ने अदालत के समक्ष एक पत्र प्रस्तुत किया जिसमें दावा किया गया कि उसे मामले में विशेष लोक अभियोजक के रूप में नियुक्त किया गया था और गैंगस्टर छोटा शकील, अग्रवाल और अन्य के खिलाफ दर्ज एक अन्य मामले में नियुक्त किया गया था.
FIR के अनुसार, जगताप ने खुद को विशेष लोक अभियोजक के रूप में पेश किया और उच्च न्यायालय में सुनवाई के लिए उपस्थित हुए. पुनमिया ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि जगताप ने मामले में श्यामसुंदर अग्रवाल और अन्य की मदद करने के लिए जांच में बाधाएं पैदा कीं.