
महाराष्ट्र पुलिस ने सोमवार को नागपुर के पत्रकार प्रशांत कोरतकर को तेलंगाना से गिरफ्तार कर लिया. उन पर 17वीं शताब्दी के मराठा शासक छत्रपति शिवाजी महाराज और उनके पुत्र छत्रपति संभाजी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है.
पुलिस के अनुसार, यह मामला एक ऑडियो बातचीत से जुड़ा हुआ है, जिसमें कोरतकर ने कोल्हापुर के इतिहासकार इंद्रजीत सावंत को धमकी दी थी और कथित रूप से भड़काऊ बयान दिए थे. इस बातचीत के आधार पर सावंत ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया.
फोन हैक करने का आरोप
प्रशांत कोरतकर ने खुद पर लगे आरोपों को नकारते हुए कहा कि उनका फोन हैक कर लिया गया था और ऑडियो को एडिट किया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने पहले ही सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली थी और अग्रिम जमानत के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया था. हालांकि, कोर्ट ने उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया था.
इतिहासकार इंद्रजीत सावंत ने इस पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया था. कोरतकर का कहना है कि सावंत ने एफआईआर दर्ज करने से पहले ही यह वीडियो जारी कर दिया, जिससे समाज में तनाव बढ़ सकता था.
इस बीच, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि कोरतकर को पुलिस का संरक्षण नहीं मिल रहा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस उनकी तलाश कर रही थी और जैसे ही उनका पता चला, उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.
पुलिस ने कोरतकर को तेलंगाना से हिरासत में लिया और अब उन्हें महाराष्ट्र लाया जा रहा है. उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है.