
महाराष्ट्र के गोंदिया जिले में 7 लाख रुपये के इनामी नक्सली ने सरेंडर कर दिया जो सुरक्षाबलों के लिए बड़ी सफलता है. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाला नक्सली देवा उर्फ अर्जुन उर्फ राकेश सुमडो मूदम (27) है, जो प्रतिबंधित कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) के मलाजखंड दला और पामेड़ प्लाटून नंबर 9 का सक्रिय सदस्य था.
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक देवा ने अपने हथियारों के साथ कलेक्टर प्रजीत नायर, पुलिस अधीक्षक गोरख भामरे और एडिशनल एसपी नित्यानंद झा के सामने सरेंडर किया. पुलिस ने बताया कि देवा 2014 में माओवादी संगठन से जुड़ा था और उस समय वो नाबालिग था. वह महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जोन में नक्सली गतिविधियों में सक्रिय था.
देवा कई हिंसक घटनाओं में शामिल रहा है. इनमें गढ़चिरौली के टिपागढ़, छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव के झिलमिली काशीबेहरा बकरकट्टा में फायरिंग की घटनाएं शामिल हैं. इसके अलावा, वह सुरक्षा बलों पर हमलों और अन्य नक्सली हिंसा में भी शामिल रहा है.
गुरुवार को सरेंडर करने के दौरान अधिकारियों ने बताया कि सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति के तहत देवा को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा. उसे मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा.
आत्मसमर्पण के बाद देवा ने कहा कि नक्सली संगठन में वह हिंसा और दुर्व्यवहार से तंग आ गया था. उसने मुख्यधारा में लौटने और समाज के प्रति सकारात्मक योगदान देने का फैसला किया.
पुलिस अधिकारियों ने इसे नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी सफलता बताया और कहा कि यह आत्मसमर्पण अन्य नक्सलियों को भी प्रेरित करेगा. साथ ही, क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है.