
एनसीपी में बगावत के बाद अजित पवार लगातार शरद पवार पर निशाना साध रहे हैं. शरद पवार भी इन हमलों का बखूबी जवाब दे रहे हैं, लेकिन उनके अलावा पार्टी के एक और नेता ने जवाबी हमले करने की बागडोर थामी हुई है. इस नेता का नाम रोहित पवार है. जो रिश्ते में शरद पवार के पोते लगते हैं. रोहित, शरद पवार के बड़े भाई के पोते हैं.
रोहित पवार ने आजतक के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत में अजित पर निशाना साधते हुए कहा,'भाजपा ने एक साल के अंदर ही एकनाथ शिंदे को मार्जिनलाईज कर दिया. मुझे डर है कि कुछ ऐसा ही हश्र अजित पवार का भी हो सकता है. बीजेपी को लोकनेता पसंद नहीं हैं.' उन्होंने यह स्वीकार किया कि अजित पवार के जाने से पार्टी को नुकसान जरूर हुआ है, लेकिन रोहित ने यह भी कहा कि बारामती की जनता जानती है कि चुनाव में वोट किसे करना है.
निजी हमलों पर जाहिर की नाराजगी
चुनाव के सवाल पर रोहित ने अजित पवार की ताकत को पहचानते हुए कहा कि उन्हें पता है कि बारामती में विधायक के तौर पर अजित पवार ही चुनकर आएंगे. लेकिन सुप्रिया सुले के बारे में भी बारामती की जनता सोच-समझकर ही निर्णय लेगी. शरद पवार पर किए गए पर्सनल अटैक से पर नाराजगी जाहिर करते हुए रोहित ने कहा कि अजित पवार, छगन भुजबल और प्रफुल्ल पटेल ने शरद पवार पर निजी हमले किए. यह बीजेपी की स्क्रिप्ट है. बीजेपी जो चाहती है, वहीं बातें सभी लीडर कर रहे हैं.
पार्टी सिंबल के लिए लड़ेंगे लड़ाई
रोहित ने कहा,' अजित हों या भुजबल, पटेल हों या वलसे-पाटिल सभी को पवार साहब राजनीति में यहां तक लाए. इतनी बार इन्हें विधायक और मंत्री बनाया. क्या वह लोग इसे भी अन्याय कहेंगे? अगर वह ऐसा कहते हैं तो सभी सोचेंगे की ऐसा अन्याय उन पर भी होना चाहिए. पार्टी सिंबल के लिए अब हमें कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ेगी. लेकिन हम उससे बड़ी लड़ाई अब जनता की अदालत में लड़ेंगे. हम इसके लिए तैयार हैं.'
चार साल से नहीं था सले का सवाल
उन्होंने अजित पवार के बयान को कोट करते हुए कहा,' अजित ने बयान दिया कि हम किसी विशेष से पेट से जन्म नहीं ले सके तो क्या यह हमारी गलती है? लेकिन इसका सीधा संबंध सुप्रिया सुले का पार्टी में कद बढ़ने से जोड़ना गलत है. क्योंकि वह यह कह रहे हैं कि पवार साहब चार साल से बीजेपी के साथ जाने की कोशिश कर रहे थे. इसका मतलब है की सुप्रिया सुले का मुद्दा तो अब सामने आया, चार साल से तो यह मसला नहीं था.'
MVA के साथ मजबूती से खड़ी है NCP
इससे पहले गुरुवार को अजित पवार ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई थी. बैठक में कहा गया था कि एनसीपी संयुक्त विपक्ष (MVA) के साथ मजबूती से खड़ी हुई है. मीटिंग में भाजपा पर विपक्ष के खिलाफ सत्ता का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए निशाना साधा गया था. एनसीपी नेता फौजिया खान ने पृथ्वीराज चव्हाण के बयान की निंदा करते हुए कहा कि ऐसे बयान सीबीआई और ईडी के दबाव में आ रहे हैं. बैठक में मणिपुर की सांप्रदायिक स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की गई थी.
ऐसा रहा अब तक का सियासी घटनाक्रम
एनसीपी नेता अजित पवार 2 जुलाई को चाचा शरद पवार से बगावत कर महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे सरकार में शामिल हो गए थे. उन्होंने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली. उनके साथ एनसीपी के 8 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली. अजित पवार गुट लगातार दावा कर रहा है कि उनके पास 40 विधायकों का समर्थन है. 5 जुलाई को अजित ने शक्ति प्रदर्शन किया था, हालांकि इस मीटिंग में 31 विधायकों ने ही उन्हें समर्थन दिया था.