
महाराष्ट्र में महायुति सरकार बनने के बाद सभी को इंतजार है मुख्यमंत्री के नाम का. एकनाथ शिंदे के पीछे हटने के बाद यह लगभग तय हो गया है कि मुख्यमंत्री भारतीय जनता पार्टी से ही होगा जिसे गठबंधन में सबसे अधिक सीटें मिली हैं. सीएम की कुर्सी पर देवेंद्र फडणवीस बैठेंगे या कोई और इसे लेकर बीजेपी में मंथन चल रहा है. सूत्रों के मुताबिक बुधवार रात दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े के बीच एक अहम बैठक हुई.
40 मिनट तक चली मीटिंग
सूत्रों ने बताया कि महाराष्ट्र में सरकार गठन से पहले बुधवार रात दिल्ली में अमित शाह और विनोद तावड़े के बीच एक अहम बैठक हुई. यह मीटिंग करीब 40 मिनट तक चली. केंद्रीय नेतृत्व को महाराष्ट्र में गैर-मराठा मुख्यमंत्री बनाए जाने पर मराठा समुदाय के नाराज होने की चिंता है. इसलिए, इस बात पर चर्चा हुई कि अगर राज्य में फिर से देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री बनाया जाता है तो मराठा वोटों को किस तरह बरकरार रखा जाए.
पीछे हटे एकनाथ शिंदे
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजों के चार दिन बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने चुप्पी तोड़ी. उन्होंने बुधवार को कहा कि मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भरोसा दिलाया है कि उनके उत्तराधिकारी के नाम पर बीजेपी जो भी फैसला लेगी, मैं उसका पालन करूंगा.
देवेंद्र फडणवीस हो सकते हैं नई सरकार के मुखिया
शिंदे की घोषणा के बाद शिवसेना के नेताओं ने जोरदार मांग की कि वह मुख्यमंत्री बने रहें, क्योंकि सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन ने उनके नेतृत्व में शानदार जीत हासिल की है. राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि शिंदे के इस कदम से नई सरकार के शपथ लेने का रास्ता साफ हो गया है. संभावना है कि बीजेपी के देवेंद्र फडणवीस नई सरकार का नेतृत्व करेंगे.
ठाणे में अपने घर पर एक खचाखच भरे संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए शिंदे (60) ने कहा कि वह अगले मुख्यमंत्री के नाम के लिए बीजेपी नेतृत्व के फैसले का पूरी तरह से समर्थन करेंगे और इस प्रक्रिया में बाधा नहीं बनेंगे.