
महाराष्ट्र के चंद्रपुर के कलमना बिट में बुधवार को एक बाघिन की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि बाघों के बीच लड़ाई के चलते यह घटना हुई, मृतक बाघिन की उम्र करीब एक वर्ष थी. सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. घटनास्थल पर वन विभाग की टीम को बाघों के बीच हुई लड़ाई के निशान मिले हैं, जिसकी जांच की जा रही है. मृत बाघिन का पोस्टमार्टम कर अंतिम संस्कार कर दिया गया.
जानकारी के मुताबिक 08 मई 2024 को बल्हारशाह वन क्षेत्र के कलमना उपक्षेत्र के फील्ड कर्मचारी गश्त पर थे उसी दौरान वन खंड क्रमांक 571 में सुबह 8 बजे के आसपास एक बाघिन का शाव पड़ा मिला.
एक साल की बाघिन की मौत से सनसनी
मृत बाघिन का पोस्टमार्टम डॉक्टर कुंदन पोडचलवार, पशु चिकित्सा अधिकारी टीटीसी चंद्रपुर और चंद्रपुर के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर आनंद नेवारे ने किया. डॉक्टर कुंदन पोडचलवार के मुताबिक बाघिन की मौत एक बड़े बाघ के हमले में हुई है. इस मामले में की जांच के लिए मृत बाघिन के सीलबंद नमूने लिए गए हैं. जिन्हें रासायनिक विश्लेषण के लिए वैज्ञानिक प्रयोगशाला में भेजा जाएगा.
मामले की जांच मध्य चांदा वन विभाग के चंद्रपुर उप-वनसंरक्षक स्वेता बोड्डू एवं सहायक वन संरक्षक आदेश कुमार शेंडगे की देखरेख में ववन परिक्षेत्र अधिकारी बल्हारशाह नरेश रामचंद्र भौवरे कर रहे हैं. बता दें कि चंद्रपुर में महाराष्ट्र का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान ताडोबा अंधारी रिजर्व है. यहां बाघों की संख्या भी ज्यादा है नए सर्वे के मुताबिक ताडोबा में 200 के आस पास बाघों की संख्या है.
बड़े बाघ ने एक साल की बाघिन को मारा
ताडोबा टाइगर रिजर्व के बहार भी पूरे जिले में बड़ा और घना जंगल है, इन जंगलो में भी बाघों की संख्या अधिक है, ऐसे में आए दिन बाघों की मौत की खबरे भी आती रहती हैं. कभी नैसर्गिक कारणों से तो कभी दो बाघों के बिच लड़ाई की वजह से बाघों की मौत होती है.