
मुंबई में कथिततौर पर एक विमान की चपेट में आने से 30 से अधिक राजहंस (Flamingos) की मौत हो गई. इस मामले में पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने डीजीसीए से इस मामले की जांच की मांग की. उन्होंने दावा किया कि शहरी योजनाकारों ने ऐसी आपदाओं के बारे में चेतावनियों को नजरअंदाज कर दिया था. पुलिस ने कहा कि घाटकोपर इलाके से अब तक 32 राजहंसों के शव बरामद किए गए हैं.
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सोमवार रात यहां विमान के उतरने से पहले पक्षी उससे टकरा गए थे. मामले में अमीरात के प्रवक्ता ने कहा कि अमीरात इस बात की पुष्टि कर सकता है कि 20 मई को दुबई से मुंबई तक EK508 लैंडिंग के समय पक्षी से टकराने की घटना में शामिल था. विमान सुरक्षित रूप से उतर गया और सभी यात्री और चालक दल बिना किसी चोट के विमान से उतर गए. हालांकि, दुख की बात है कि इस दौरान कई राजहंसों की मौत हो गई.
हादसे में अमीरात का प्लेन भी हुआ क्षतिग्रस्त
अमीरात इस मामले पर अधिकारियों के साथ सहयोग कर रहा है. इस घटना में विमान भी क्षतिग्रस्त हो गया, जिसकी वजह से 20 मई को दुबई के लिए जाने वाली वापसी उड़ान EK509 रद्द कर दी गई थी. सभी यात्रियों और चालक दल को रात भर ठहराया गया और सभी यात्रियों के लिए दूसरे विमान की व्यवस्था की जा रही है और यह 21 मई को स्थानीय समयानुसार 21:00 बजे मुंबई से प्रस्थान करने वाला है. एमिरेट्स किसी भी असुविधा के लिए क्षमा चाहता है. हमारे यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है और इससे समझौता नहीं किया जाएगा.
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भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने की जरूरत
रेसकिंक एसोसिएशन फॉर वाइल्डलाइफ वेलफेयर (RAWW) के संस्थापक और वन विभाग के मानद वन्यजीव वार्डन पवन शर्मा ने कहा कि घाटकोपर में कुछ स्थानों पर मृत पक्षियों को देखे जाने के बारे में लोगों से कई फोन आए. उन्होंने कहा कि वन विभाग के मैंग्रोव सेल ने रॉ टीमों के साथ एक तलाशी अभियान के दौरान सोमवार रात को इलाके में 29 मृत राजहंस पाए गए. उन्होंने बताया कि मंगलवार को तीन और शव पाए गए.
शर्मा ने कहा कि कुछ पक्षियों के जमीन पर गिरने के बाद आवारा कुत्तों ने उन्हें नोंच डाला. कुछ राजहंसों के क्षत-विक्षत शव भी स्थानीय लोगों ने देखे. RAWW के सचिव और प्राणीविज्ञानी चिन्मय जोशी ने कहा कि हवाई अड्डे के अधिकारियों द्वारा वन्यजीव संघर्ष शमन और प्रबंधन योजना को वन विभाग और वन्यजीव विशेषज्ञों के समन्वय में स्थिति के उचित मूल्यांकन के आधार पर समीक्षा और संशोधित करने की जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके.
नैटकनेक्ट फाउंडेशन के निदेशक बीएन कुमार ने एक विज्ञप्ति में कहा कि उन्होंने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) को एक ईमेल भेजा है. उन्होंने यह पता लगाने के लिए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है कि एमिरेट्स विमान ने पक्षियों को कैसे मारा और क्या पायलट राजहंसों झुंड को अपने रडार पर नोटिस नहीं कर सका.
राजहंसों की मौत पर किसी को चिंता नहीं
पर्यावरणीय हितों के लिए काम करने वाले फाउंडेशन ने कहा, "हमें यह कहते हुए दुख हो रहा है कि यह एक आपदा आने का इंतजार कर रही थी." कुमार ने कहा, "यदि पक्षी के टकराने से कोई यात्री प्रभावित होता, तो यह वैश्विक सुर्खियां बनता. मगर, 30 से अधिक राजहंसों की मौत से अधिकारियों, विशेषकर शहरी योजनाकारों को कोई चिंता नहीं है."
बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी (बीएनएचएस) के शोधकर्ता मृगांक प्रभु ने कहा कि राजहंस मुंबई से गुजरात लौट रहे थे. उनकी मौत इंसानों के लिए आसन्न आपदाओं की चेतावनी है. नैटकनेक्ट ने कहा कि लगभग एक लाख राजहंस ठाणे क्रीक फ्लेमिंगो अभयारण्य के लिए उड़ान भरते रहते हैं.
व्यवस्थित रूप से दफनाए जा रहे हैं राजहंस के आवास
विज्ञप्ति में कहा गया है कि ऐसा इसलिए है क्योंकि बीएनएचएस जैसे संगठनों की चेतावनी के बावजूद नवी मुंबई में आर्द्रभूमि और राजहंस के आवासों को व्यवस्थित रूप से दफनाया जा रहा है. इसमें कहा गया है कि यदि पक्षी अपने पारंपरिक गंतव्यों से चूक जाते हैं, तो वे नवी मुंबई हवाईअड्डे की साइट पर उतर सकते हैं, जहां पनवेल क्रीक के किनारे मिट्टी के मैदान हैं.
विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि अटल सेतु के लिए वन्यजीव शमन उपायों के हिस्से के रूप में राज्य सरकार ने सेवरी-माहुल, एनआरआई-टीएस चाणकाया और पंजे-डोंगरी आर्द्रभूमि और अन्य स्थानों पर पक्षी अभयारण्यों की योजना बनाई थी. अटल सेतु चालू हो गया है, लेकिन हमने आर्द्रभूमि की सुरक्षा के बारे में कुछ नहीं सुना है.
नैटकनेक्ट ने कहा कि आगामी नवी मुंबई हवाई अड्डे ने अपनी पर्यावरण प्रभाव आकलन (ईआईए) रिपोर्ट में प्रतिबद्धता जताई है कि बीएनएचएस द्वारा उल्लिखित आर्द्रभूमि को संरक्षित किया जाएगा. नवी मुंबई हवाई अड्डे के लिए पर्यावरण मंजूरी (ईसी) के नवीनीकरण के लिए प्रस्तुत ईआईए ने यह भी कहा है कि एनआरआई आर्द्रभूमि पर योजनाबद्ध एक गोल्फ कोर्स रद्द कर दिया गया था. नैटकनेक्ट ने कहा कि इससे हमें उम्मीद जगी कि आर्द्रभूमि संरक्षित रहेगी, फिर भी जल निकायों का व्यवस्थित विनाश जारी है.