
बॉम्बे हाईकोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड को कोर्ट के 2023 के आदेश की अवमानना के लिए 50 लाख रुपए जमा करने का निर्देश दिया है. इस आदेश में कंपनी को मंगलम ऑर्गेनिक्स लिमिटेड की ओर से दायर ट्रेडमार्क उल्लंघन मामले के संबंध में कपूर प्रोडक्ट बेचने से रोक दिया गया था. पैसे जमा करने का यह आदेश पतंजलि की ओर से कोर्ट द्वारा पारित आदेशों का पालन करने के वचन के साथ बिना शर्त माफी मांगने के बावजूद दिया गया.
जस्टिस आरआई चागला की बेंच ने कहा कि पतंजलि ने जून में पेश किए गए हलफनामे में कपूर प्रोडक्ट्स की बिक्री के खिलाफ इंजक्शन (Injuction) देने वाले पहले के आदेश का उल्लंघन करने की बात स्वीकार की थी. न्यायमूर्ति चागला ने आदेश में कहा, 'प्रतिवादी संख्या 1 (पतंजलि) की ओर से 30 अगस्त 2023 के निषेधाज्ञा आदेश का लगातार उल्लंघन न्यायालय बर्दाश्त नहीं कर सकता.' अगस्त 2023 में उच्च न्यायालय ने एक अंतरिम आदेश में पतंजलि को कपूर प्रोडक्ट्स को बेचने या विज्ञापन करने से रोक दिया था. यह आदेश पतंजलि आयुर्वेद के खिलाफ मंगलम ऑर्गेनिक्स द्वारा दायर एक मुकदमे में पारित किया गया था, जिसमें उनके कपूर प्रोडक्ट्स के कॉपीराइट उल्लंघन का आरोप लगाया गया था.
बाद में मंगलम ने एक आवेदन दायर कर दावा किया कि पतंजलि अंतरिम आदेश का उल्लंघन कर रही है, क्योंकि उसने कपूर प्रोडक्ट्स को बेचना जारी रखा है. पतंजलि के निदेशक रजनीश मिश्रा ने बिना शर्त माफ़ी मांगते हुए एक हलफ़नामा दायर किया और हाई कोर्ट की ओर से पारित आदेशों का पालन करने का वचन दिया. मिश्रा ने हलफ़नामे में कहा कि इंजक्शन आदेश पारित होने के बाद कपूर उत्पाद की कुल आपूर्ति 49,57,861 रुपये हो गई है. हालांकि, मंगलम ऑर्गेनिक्स की ओर से पेश वकील हिरेन कामोद ने इस राशि को चुनौती दी.