
महाराष्ट्र में बीजेपी ने प्लास्टर ऑफ पेरिस की होममेड गणेश प्रतिमाएं पर बैन न लगाने की मांग की है. उसका कहना है कि बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) को सरकार की तकनीकी समिति की रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए. मुंबई बीजेपी के अध्यक्ष विधायक आशीष शेलार ने कहा,'हम बीएमसी द्वारा प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनी घरेलू गणेश प्रतिमाओं पर प्रतिबंध लगाने के फैसले से सहमत नहीं हैं. गणेशोत्सव मुंबई में सबसे महत्वपूर्ण पारंपरिक त्योहारों में से एक है. कई परिवारों की आजीविका इस त्योहार के लिए पीओपी की मूर्तियां बनाने के व्यवसाय पर निर्भर करती है. जब तक राज्य सरकार द्वारा नियुक्त तकनीकी समिति की अंतिम रिपोर्ट नहीं आ जाती है, तब तक पीओपी से बनी मूर्तियों पर प्रतिबंध लगाना अवैज्ञानिक, असंवैधानिक और अनुचित होगा. आगामी गणेशोत्सव पर्व की पृष्ठभूमि में अखिल भारतीय गणेशोत्सव महासंघ एवं गणेश मूर्तिकार कामगार संगठन के प्रतिनिधियों की बैठक विधायक एडवोकेट के नेतृत्व में बुलाई गई थी. आशीष ने गुरुवार को सांस्कृतिक मामलों के मंत्री सुधीर मुनगंटीवार से मुलाकात की.
विधायक आशीष शेलार ने कहा कि पिछले सप्ताह हुई बैठक में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे द्वारा गणेशोत्सव को लेकर लिए गए निर्णय से वे संतुष्ट हैं, लेकिन 4 फीट से छोटी पीओपी से बनी गणेश प्रतिमाओं पर प्रतिबंध लगाने के संबंध में बीएमसी का रुख हमें मंजूर नहीं है. हम इसके खिलाफ हैं. उन्होंने कहा कि बीएमसी समुद्र को साफ करने और प्रदूषण नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए एक प्रणाली क्यों नहीं बनाई? मुंबई में घरों से निकलने वाला सीवेज वर्षों से समुद्र को प्रदूषित कर रहा है, जो पर्यावरण को प्रभावित कर रहा है.
विधायक ने पूछा कि क्या बीएमसी के अधिकारी पिछले 25 साल से इस मामले में सो रहे थे? आशीष शेलार ने कहा कि आज ये लोग ऐसा ढोंग कर रहे हैं जैसे कि गणेश की मूर्तियों के कारण ही समुद्र और पर्यावरण प्रभावित हो रहा है. ये बातें मंजूर नहीं हैं. उन्होंने कहा, हमने सरकार को अपना रुख पहले ही स्पष्ट कर दिया है.
राज्य सरकार द्वारा गठित तकनीकी समिति के बारे में पूछे जाने पर विधायक शेलार ने कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से सीएम और डिप्टी सीएम से मिलेंगे. उनसे इस विषय में वैज्ञानिक ज्ञान रखने वाले वैज्ञानिकों और अन्य लोगों को नियुक्त करने के लिए कहेंगे.
उन्होंने कहा कि हाल ही में रामनवमी और हनुमान जयंती के अवसर पर निकाली जाने वाली शोभायात्रा के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने उपद्रव करने का प्रयास किया था. पुलिस इन्हें पहले ही पकड़ चुकी है. गणेशोत्सव के दौरान विसर्जन का रूट भी तय कर लिया गया है. उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. हमारी मांग थी कि त्योहार के दौरान अगर रात 10 बजे के बाद भी आरती बिना इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के की जाती है तो उस पर पाबंदी नहीं लगाई जानी चाहिए. राज्य सरकार ने सहमति जताते हुए आवश्यक निर्देश दिए हैं और हम इससे संतुष्ट हैं.