
महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे, डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस और शिवसेना-बीजेपी गठबंधन के अन्य नेताओं ने वी.डी. सावरकर के समर्थन में ‘गौरव यात्रा’ से पहले मंगलवार को उनकी तस्वीर को अपने सोशल मीडिया पर डीपी (डिस्प्ले पिक्चर्स) पर लगाया. नेताओं ने लिखा ‘मैं सावरकर हूं’ या ‘हम सभी सवारकर हैं’.
बीजेपी और शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने घोषणा की कि देश में सावरकर के योगदान का सम्मान करने और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की द्वारा उनकी (सावरकर) आलोचना के जवाब में 30 मार्च से महाराष्ट्र के हर जिले में सावरकर गौरव यात्रा निकाली जाएगी. सोशल मीडिया पर सावरकर की तस्वीर लगाने के साथ नेताओं ने लिखा ‘मैं सावरकर हूं’ या ‘हम सभी सवारकर हैं’.
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सावरकर जैसे नायकों ने आजादी दिलाई: शिंदे
एकनाथ शिंदे ने सोमवार शाम को सावरकर के समर्थन में अपने ट्विटर की डीपी बदलकर उनकी तस्वीर लगा ली. इसके बाद 28 मार्च को उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि सावरकर जैसे नायकों के कारण देश को आजादी मिली. साथ ही उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा- मैं सावरकर पर राहुल गांधी के बयान की निंदा करता हूं. सावरकर के सम्मान में हम प्रदेश के हर जिले में सावरकर गौरव यात्रा निकालेंगे. इस यात्रा के जरिए शिवसेना शिंदे गुट सावरकर के कामों को लेकर लोगों में जागरूकता फैलाएगा साथ ही ऐसे लोगों के खिलाफ केस दर्ज करवाया जाएगा जो स्वतंत्रता सेनानी के खिलाफ बयान दे रहे हैं.
राहुल गांधी ने लोकसभा सदस्यता गंवाने के एक दिन बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में माफी मांगने के सवाल कर कह दिया था- 'मेरा नाम सावरकर नहीं है, मेरा नाम गांधी है और गांधी किसी से माफी नहीं मांगते.' उनके इस बयान के बाद से ही महाराष्ट्र में राजनीति तेज हो गई है. बीजेपी और कांग्रेस के सहयोगी नेता उद्धव ठाकरे ने राहुल गांधी के इस बयान का विरोध किया है.
राहुल माफी मांगें नहीं तो FIR करूंगा: रंजीत
स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर के पोते रंजीत सावरकर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयानों की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि वह राहुल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराएंगे. उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है, जब राहुल गांधी या कांग्रेस पार्टी ने वीर सावरकर का अपमान किया है. उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि वह माफी मांगने के बजाय इस बात को दोहरा रहे हैं. उन्होंने कहा कि मैंने महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे से भी कहा था कि वह अपने गठबंधन में सहयोगी दल (कांग्रेस) विशेषतौर पर राहुल से सावरकर का अपमान करने के लिए माफी मांगने के लिए कहें. उद्धव ठाकरे जब सीएम थे, तब भी मैंने कांग्रेस के मुखपत्र ने सावरकर के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया.
रंजीत सावरकर ने कहा- मैं पहले भी दादर थाने में राहुल गांधी के खिलाफ दो शिकायत दर्ज करा चुका हूं. 5 साल पहले उन्होंने सावरकर को देशद्रोही कहा था. उस पर कोर्ट ने थानेदार को राहुल को नोटिस भेजने को कहा था. मैं उसका पालन कर रहा हूं. दूसरा मामला भारत जोड़ो यात्रा में सावरकर के खिलाफ उनके बयानों के बाद था. मैं इस बार भी इस मामले में शिकायत करूंगा. उन्होंने कहा कि अगर हमें इस मुद्दे को सुलझाना है तो जरूरी है, हम इस मुद्दे का हल अदालत के माध्यम से करें, ताकि सावरकर का नाम बारबार बदनाम न हो. उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक तौर पर इस बात का कोई प्रमाण नहीं है कि सावरकर ने पहले ब्रिटिश राज में माफी मांगी थी.
वीर सावरकर हमारे भगवान: उद्धव ठाकरे
उद्धव ने आगे राहुल गांधी को चेतावनी दी कि वीर सावरकर उनके भगवान हैं. ठाकरे ने राहुल गांधी को खुली चुनौती देते हुए कहा कि उनकी पार्टी एमवीए में है, क्योंकि वे लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट होकर भाजपा के खिलाफ लड़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि यदि आप (कांग्रेस) एक साथ लड़ना चाहते हैं, तो यह स्पष्ट है कि हमारे भगवान का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उद्धव ठाकरे ने कहा कि सावरकर के खिलाफ एक भी लाइन बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यह इस सार्वजनिक मंच पर एक खुली चेतावनी है.
सावरकर के मुद्दे पर बोलने से बचूंगा: राहुल
विनायक दामोदर सावरकर पर महा विकास अघाड़ी में विवाद बढ़ता देख राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) सुप्रीमो शरद पवार ने राहुल गांधी को चुप्पी की सलाह दी है. वहीं कांग्रेस और उद्धव गुट के बीच तनाव बढ़ने के बाद मंगलवार को उद्धव गुट के नेता संजय राउत ने राहुल गांधी से मुलाकात की थी. इस दौरान राहुल ने कहा कि इस मुद्दे पर दोनों पार्टियों के विचार अलग-अलग हैं, लेकिन उन्हें लोकतंत्र को लेकर सामने आ रही चुनौतियों पर ध्यान देना चाहिए.
राहुल ने कहा था कि आपकी अपनी राय है, हमारी अपनी राय है. यह विचारधारा की बात है और मैं इसका सम्मान करता हूं. लेकिन लोकतंत्र के खतरे का सामना करने के लिए आज विपक्ष को एकजुट होने की जरूरत है और हम एकजुट हैं. सूत्रों के मुताबिक राहुल ने संजय राउत को आश्वासन दिया कि वह सावरकर के मुद्दों पर बोलने से बचेंगे.