Advertisement

मैसेज पर पत्नी को दिया तीन तलाक, हाईकोर्ट ने आरोपी पति को यह कहकर दी अग्रिम जमानत

महिला का दावा है कि ससुराल वाले शादी के कुछ दिनों बाद ही उससे पैसे की मांग करने लगे और फिर पति ने उसे घर से जाने के लिए कहा. इसके बाद उसे कभी घर नहीं आने दिया गया. पत्नी ने बताया कि उसके पति ने इसी साल 29 मई को उसे एक मैसेज भेजा. इसमें उसने लिखा, और सुनो, मै अपने होश और हवास में तुमको तलाक देता हूं, तलाक देता हूं, तलाक देता हूं.

प्रतीकात्मक फोटो प्रतीकात्मक फोटो
विद्या
  • मुंबई,
  • 29 अगस्त 2021,
  • अपडेटेड 6:14 PM IST
  • पति ने 29 मई को पत्नी को मैसेज पर दिया तीन तलाक
  • हाईकोर्ट ने कहा- मध्यस्थता से निपटाया जा सकता है मामला

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मैसेज पर पत्नी को तीन तलाक देने के आरोपी पति को अग्रिम जमानत दे दी. हालांकि, इससे पहले मुंबई की सेशन कोर्ट ने आरोपी को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया था. 

आरोपी ने अपनी पत्नी से 25 अप्रैल 2015 को मुस्लिम रीति रिवाज से मुंबई के जोगेश्वरी में निकाह किया था. महिला एक एयरलाइन में एयर होस्टेस थी, लेकिन उसके पति और ससुराल के लोगों को इससे दिक्कत थी. इस वजह से महिला को नौकरी छोड़नी पड़ी.  

Advertisement

पति ने घर से निकाला

महिला का दावा है कि ससुराल वाले शादी के कुछ दिनों बाद ही उससे पैसे की मांग करने लगे और फिर पति ने उसे घर से जाने के लिए कहा. इसके बाद उसे कभी घर नहीं आने दिया गया. पत्नी ने बताया कि उसके पति ने इसी साल 29 मई को उसे एक मैसेज भेजा. इसमें उसने लिखा, और सुनो, मै अपने होश और हवास में तुमको तलाक देता हूं, तलाक देता हूं, तलाक देता हूं. 

सेशन कोर्ट ने राहत देने से किया इनकार

इस मामले में सेशन कोर्ट जज ने जमानत खारिज करते हुए कहा था कि पति और पत्नी वैवाहिक कलह के लिए एक दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं और इसलिए यह वैवाहिक विवाद है. इसके अलावा कोर्ट ने पत्नी के गहने पुरुष के पास होने के चलते अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया था. कोर्ट ने इस मामले में जांच की बात कही थी. 

Advertisement

हाईकोर्ट से मिली जमानत

वहीं, हाईकोर्ट के जस्टिस संदीप के शिंदे ने कहा, पति और उसके रिश्तेदारों पर आरोपों की सामान्य प्रकृति है कि वे अपनी मांगों को पूरा नहीं करने के चलते महिला से पैसों की मांग कर रहे थे. महिला को इसके लिए प्रताड़ित किया गया. मेरे ख्याल से मध्यस्थता के माध्यम से विवादों और मतभेदों को सुलझाया जा सकता है. 

महिला की वकील ने मांगा समय

कोर्ट के मध्यस्थता की बात पर महिला की वकील योगिता जोशी ने कहा, उन्हें इस सलाह पर मुवक्किल से बात करने के लिए समय चाहिए. ऐसे में कोर्ट ने पति को गिरफ्तारी से राहत देते हुए कहा कि तब तक गिरफ्तारी की स्थिति में पति को 25000 रु की जमानत पर रिहा किया जाएगा. 

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement