
महाराष्ट्र के पुणे जिले में साहूकारों द्वारा कथित उत्पीड़न के कारण 45 वर्षीय एक व्यक्ति ने शनिवार को अपनी पत्नी और नाबालिग बेटे को जहर देकर मार डाला और फिर आत्महत्या की कोशिश की. एक अधिकारी ने बताया कि चिखली इलाके के वैभव हांडे का अस्पताल में इलाज चल रहा है. पुलिस ने इस मामले में संतोष कदम, सुरेखा कदम, संतोष पवार और जावेद खान के रूप में पहचाने गए चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है.
अपनी शिकायत में वैभव ने कहा कि उसने अपनी पत्नी शुभांगी हांडे (36) और उनके 9 वर्षीय बेटे धनराज को सुबह नींद की गोलियां दीं, जिससे उनकी मौत हो गई. इसके बाद वैभव ने अपने फ्लैट में छत के पंखे से लटकने की कोशिश की.
14 वर्षीय बेटे के मोबाइल फोन पर भेजा मैसेज
शुक्रवार की रात वैभव ने अपने 14 वर्षीय बेटे के मोबाइल फोन पर एक मैसेज भेजा था, जिसे उसने मुंबई में अपने रिश्तेदार के घर भेजा था. नोट में उसने अपनी प्लानिंग के बारे में बताया था. सुबह मैसेज पढ़ने के बाद किशोर घबरा गया और अपने परिवार के बारे में जानने के लिए अपने पड़ोसियों को फोन किया.
अधिकारी ने कहा कि जब पड़ोसियों को बार-बार दरवाजा खटखटाने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला तो उन्होंने पुलिस को फोन किया. अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने फ्लैट में घुसते ही वैभव को जीवित पाया. इसके बाद उसे एक निजी अस्पताल ले जाया गया.
10 प्रतिशत ब्याज दर पर लिया था उधार
वैभव के हवाले से अधिकारी ने कहा, 'शिकायतकर्ता ने आरोपी संतोष कदम और सुरेखा से 6 लाख रुपये और 2 लाख रुपये महीने पर 10 प्रतिशत ब्याज दर पर उधार लिए थे. उसने जावेद खान से भी हाई इंटरेस्ट पर 4 लाख रुपये लिए थे.'
9 लाख रुपये साहूकारों को चुका दिए थे
अधिकारी ने कहा कि शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उसने प्रिंसिपल अमाउंट और अतिरिक्त 9 लाख रुपये साहूकारों को चुका दिए थे, लेकिन वे उसे और अधिक पेमेंट करने के लिए परेशान कर रहे थे. अधिकारी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ आपराधिक धमकी का मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है.
(नोट:- अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल एमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)