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'हादसे के बाद भागने के बजाय... ', पुणे पोर्श कांड के नाबालिग आरोपी ने 300 शब्दों के निबंध में क्या-क्या लिखा

सूत्रों ने पुष्टि की कि नाबालिग आरोपी ने हाल ही में किशोर न्याय बोर्ड को एक निबंध प्रस्तुत किया है. इसमें नाबालिग आरोपी ने यातायात नियम सुरक्षा के महत्व को बताया गया है. साथ ही लिखा था कि19 मई की रात हादसे के बाद वह डर गया और उसने किसी से संपर्क नहीं किया. उसे ये नहीं पता था कि हादसे के तुरंत बाद क्या करना है, इसलिए वह मौके से भागने लगा. स्थानीय लोगों ने उसे पकड़ लिया और उसे मारने की कोशिश की.

पुणे हादसे के नाबालिग आऱोपी ने 300 शब्दों को निबंध में ये बातें लिखी थीं (फाइल फोटो) पुणे हादसे के नाबालिग आऱोपी ने 300 शब्दों को निबंध में ये बातें लिखी थीं (फाइल फोटो)
ओमकार
  • पुणे,
  • 05 जुलाई 2024,
  • अपडेटेड 8:36 PM IST

पुणे पोर्श कांड के नाबालिग आरोपी को बॉम्बे हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है. केस के शुरुआती दौर में कोर्ट ने नाबालिग आऱोपी को सड़क सुरक्षा पर 300 शब्दों का निबंध लिखने का आदेश दिया था. अब नाबालिग आरोपी ने जेजेबी के आदेश के बाद अपना 300 शब्दों का निबंध प्रस्तुत किया है. अपने निबंध में नाबालिग आरोपी ने बताया कि वह हादसे के बाद पुलिस के चक्कर में पड़ने से डर रहा था. नाबालिग आऱोपी ने अपने निबंध में ये भी कहा है कि हादसे के बाद मौके से भागने के बजाय नजदीकी पुलिस स्टेशन में संपर्क करें.

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सूत्रों ने पुष्टि की कि नाबालिग आरोपी ने हाल ही में किशोर न्याय बोर्ड को एक निबंध प्रस्तुत किया है. इसमें नाबालिग आरोपी ने यातायात नियम सुरक्षा के महत्व को बताया गया है. साथ ही लिखा था कि19 मई की रात हादसे के बाद वह डर गया और उसने किसी से संपर्क नहीं किया. उसे ये नहीं पता था कि हादसे के तुरंत बाद क्या करना है, इसलिए वह मौके से भागने लगा. स्थानीय लोगों ने उसे पकड़ लिया और उसे मारने की कोशिश की. 

नाबालिग आरोपी ने सभी से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की. ​​इसके साथ ही उसने निबंध में हादसे के तुरंत बाद पुलिस से संपर्क करने और दुर्घटना में घायल लोगों की मदद करने की अपील की है. सूत्रों ने बताया कि अपने 300 शब्दों के निबंध में नाबालिग आरोपी ने कल्याणीनगर हादसे के बारे में कोई अपराध स्वीकार नहीं किया है. 

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बता दें कि 19 मई को कथित तौर पर नाबालिग आरोपी नशे की हालत में था और काफी स्पीड से पोर्श कार चला रहा था. इस दौरान कार से टकराकर दो सॉफ्टवेयर इंजीनियर अनीश अवधिया और अश्विनी कोष्टा की मौत हो गई थी. नाबालिग आरोपी को उसी दिन किशोर न्याय बोर्ड ने जमानत दे दी थी और उसे अपने माता-पिता और दादा की देखरेख में रखने का आदेश दिया. इसके साथ ही कोर्ट ने ये शर्त भी रखी थी कि नाबालिग आऱोपी को सड़क सुरक्षा पर 300 शब्दों का निबंध लिखना होगा.
 

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