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'शिंदे को अब केंद्र में ले आना चाहिए, नहीं मानते हैं तो अजित पवार के साथ सरकार बनाए BJP', बोले केंद्रीय मंत्री

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री पद छोड़कर अब केंद्र में आ जाना चाहिए. अगर वह मुख्यमंत्री पद नहीं छोड़ते तो बीजेपी को अजित पवार की एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाना चाहिए. 

एकनाथ शिंदे एकनाथ शिंदे
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 26 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 1:54 PM IST

महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है. विधानसभा चुनाव में बीजेपी की अगुवाई में महायुति की प्रचंड जीत के बाद अगले सीएम को लेकर अभी सस्पेंस बना हुआ है. इस बीच केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा है कि शिंदे को अब केंद्र में लाना चाहिए.

अठावले ने कहा कि एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री पद छोड़कर अब केंद्र में आ जाना चाहिए. अगर वह मुख्यमंत्री पद नहीं छोड़ते तो बीजेपी को अजित पवार की एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाना चाहिए. 

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उन्होंने कहा कि एकनाथ शिंदे ने ढाई साल अच्छा काम किया है. उन्होंने अच्छा काम किया है. शिंदे को अब केंद्र में ले आना चाहिए. देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री होना चाहिए. 

बता दें कि मंगलवार को एकनाथ शिंदे ने राजभवन पहुंचकर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार की मौजूदगी में इस्तीफा राज्यपाल को सौंपा. 

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के तीन दिन बाद तक सीएम पद पर सस्पेंस बरकरार है. माना जा रहा है कि महायुति की सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते बीजेपी अपना मुख्यमंत्री चाहती है. पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस का नाम सबसे आगे चल रहा है. फडणवीस के नाम पर अजित पवार भी राजी हैं. 

हालांकि शिवसेना दोबारा एकनाथ शिंदे को ही सीएम बनाना चाहती है. शिवसेना का तर्क है कि शिंदे सरकार की नीतियों की वजह से ही चुनाव में महायुति ऐसा प्रदर्शन कर सकी है. 

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सीएम पद पर सस्पेंस के बीच सोमवार को देवेंद्र फडणवीस दिल्ली भी पहुंचे. वो लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की बेटी की शादी के रिसेप्शन में शामिल हुए. बताया जा रहा है कि फडणवीस जल्द ही गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ बैठक कर सरकार गठन के फॉर्मूले पर बात कर सकते हैं.

इस बीच मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि कोई भी उनके आवास वर्षा या कहीं भी एकजुट न हों. बता दें कि MVA में कांग्रेस, शरद पवार की एनसीपी, शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) शामिल है. विधानसभा चुनाव में इस खेमे को बड़ा झटका लगा है. 288 सदस्यीय वाली विधानसभा में गठबंधन सिर्फ 46 सीटें ही जीत सकी है. इसके विपरीत बीजेपी की अगुवाई में महायुति गठबंधन 230 सीटें जीतने में कामयाब रही है. महायुति में बीजेपी, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजीत पवार की एनसीपी शामिल है.

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