
केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा सांसद रामदास अठावले ने रविवार को सुझाव दिया कि बीजेपी और शिवसेना के बीच बढ़ती तकरार को दूर करने के लिए महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद के कार्यकाल को दोनों सहयोगी दलों के बीच बराबर-बराबर बांटा जाना चाहिए. अठावले ने कहा कि वह शिवसेना और बीजेपी के नेताओं के साथ इस प्रस्ताव पर विचार-विमर्श करेंगे.
अठावले ने कहा, "अधिक सीटें पाने वाले दल के नेता का मुख्यमंत्री बनने का फॉर्मूला तो पहले से ही चल रहा है लेकिन मैं दोनों पार्टियों के नेताओं से इस नए फॉर्मूला पर बात करने वाला हूं."
अठावले ने आगे कहा, "अगर बीजेपी और शिवसेना 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए गठबंधन बनाते हें तो मैं शिवसेना से मुंबई दक्षिण मध्य लोकसभा को मेरे लिए छोड़ने को कहूंगा और बदले में मैं बीजेपी को शिवसेना के लिए पालघर सीट छोड़ने के लिए मनाऊंगा."
अलग चुनाव लड़ेगी शिवसेना
गौरतलब है कि केंद्र की राजग सरकार और महाराष्ट्र सरकार में सत्तारूढ़ सहयोगी दोनों दलों के बीच विभिन्न मुद्दों पर मतभेद चल रहे हैं. शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा है कि उनकी पार्टी भविष्य में सभी चुनाव अकेले लड़ेगी. दूसरी तरफ बीजेपी ने कहा कि वह शिवसेना के साथ गठबंधन चाहती है लेकिन अगर समझौता नहीं हुआ तो वह अकेले अपने दम पर लड़ेगी.
बीजेपी और शिवसेना ने गठबंधन में घटक दल होने के बावजूद इस साल मई में पालघर लोकसभा उपचुनाव एक दूसरे के खिलाफ लड़ा था जिसमें बीजेपी के राजेंद्र गावित ने शिवसेना के श्रीनिवास वनागा को हराया था. अठावले ने मुंबई की दक्षिण मध्य लोकसभा सीट पर भी अपना दावा पेश किया जहां से फिलहाल शिवसेना के राहुल शेवाले सांसद हैं. अठावले ने यह भी कहा कि अगर शिवसेना और बीजेपी गठबंधन नहीं करते, तो भी उनके लिए मुंबई दक्षिण मध्य सीट पर जीत पाना बहुत मुश्किल नहीं होगा.