
महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री आशीष शेलार ने मंगलवार को मराठा राजा छत्रपति संभाजी महाराज की याद में प्रेरणादायक गीतों (सॉन्ग) को अवॉर्ड के स्थापना करने की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि उद्घाटन सम्मान हिंदुत्व के प्रतीक वीडी सावरकर द्वारा लिखी गई रचना 'अनादि में, अनंत में' रचना को दिया जाएगा.
शेलार ने फ्रांस के मार्सिल बंदरगाह की अपनी यात्रा के दौरान छत्रपति संभाजी महाराज राज्य प्रेरणा गीत पुरस्कार के स्थापना की घोषणा की है जो सावरकर से जुड़ा हुआ है है.
'पुरस्कार और स्मृति चिन्ह से किया जाएगा सम्मानित'
शेलार ने कहा कि ये पुरस्कार जिसमें 2 लाख रुपये का नकद पुरस्कार और एक स्मारक स्मृति चिन्ह शामिल है. ये पुरस्कार छत्रपति संभाजी महाराज से प्रेरित है और हर साल शानदार प्रेरणादायक गीतों को मान्यता देगा. उन्होंने कहा कि उद्घाटन पुरस्कार सावरकर के गीत, अनादि में, अनंत में को उसके गहन प्रभाव और देशभक्ति के लिए सम्मानित किया जाएगा.
'मार्सिले में लिखा गीत'
उन्होंने कहा कि सावरकर ने 'अनादि में, अनंत में' गीत उस वक्त लिखा था, जब वे मार्सिले में ब्रिटिश सैनिकों की हिरासत से भागने की कोशिश कर रहे थे. ये गीत देशभक्ति का प्रतीक है और इस वर्ष पुरस्कार के लिए सर्वसम्मति से चुना गया है.
शेलार ने बताया कि सांस्कृतिक मामलों के मंत्री की अध्यक्षता वाली एक समिति पुरस्कार प्रक्रिया की देखरेख करेगी और ये पुरस्कार कवियों या उनके रिश्तेदारों या संस्थानों को प्रदान किया जाएगा जो उनकी साहित्यिक विरासत को बरकरार रखते हैं. हालांकि, राज्य सरकार ने अभी तक यह घोषणा नहीं की है कि सावरकर की रचना के लिए ये पुरस्कार किसे दिया जाएगा.
उन्होंने कहा कि छत्रपति संभाजी महाराज योद्धा होने के अलावा, एक संस्कृत विद्वान और लेखक भी थे. जिन्होंने बुद्धभूषण नामक किताब और अन्य साहित्यिक कृतियां लिखी थी. शेलार ने कहा ये पुरस्कार उनकी साहित्यिक विरासत और चुनौतीपूर्ण वक्त के दौरान कविता की प्रेरक शक्ति को श्रद्धांजलि देता है.