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शीना बोरा मर्डर केस: कोर्ट ने CBI को जांच में तेजी लाने के दिए निर्देश, कार्यवाही की तारीखें तय कीं

शीना बोरा मर्डर केस की जांच में तेजी लाने की मांग करते हुए इंद्राणी मुखर्जी ने कहा था कि इसकी सुनवाई रोजाना या साप्ताहिक आधार पर की जाए. उन्होंने कहा कि बीते सात साल में, जिनमें से ज्यादातर समय उन्होंने एक विचाराधीन कैदी के रूप में बिताया.

शीना बोरा मर्डर केस में कोर्ट ने सुनवाई की तारीखें तय कीं. (फाइल फोटो) शीना बोरा मर्डर केस में कोर्ट ने सुनवाई की तारीखें तय कीं. (फाइल फोटो)
विद्या
  • मुंबई,
  • 22 जून 2023,
  • अपडेटेड 11:20 PM IST

मुंबई की एक स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने 2015 के शीना बोरा मर्डर केस की जांच करने वाली केंद्रीय एजेंसी को तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमे में तेजी लाने का निर्देश दिया है. इस केस की मुख्य आरोपी इंद्राणी मुखर्जी की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया है. 

शीना बोरा मर्डर केस की जांच में तेजी लाने की मांग करते हुए इंद्राणी मुखर्जी ने कहा था कि इसकी सुनवाई रोजाना या साप्ताहिक आधार पर की जाए. उन्होंने कहा कि बीते सात साल में, जिनमें से ज्यादातर समय उन्होंने एक विचाराधीन कैदी के रूप में बिताया. सीबीआई ने अबतक 71 गवाहों से पूछताछ की है. पूछताछ के लिए 92 और गवाहों की लिस्ट सौंपी है.  

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इंद्राणी ने अपने आवेदन में कहा था, "कई महीनों से अभियोजन पक्ष मामले को तेजी से चलाने में असमर्थ है. इसलिए आरोपी के त्वरित सुनवाई के मौलिक अधिकार पर विचार करना जरूरी है और मामले में तेजी लाई जा सकती है." 

इंद्राणी के पूर्व पति और सह-आरोपी संजीव खन्ना ने हालांकि जवाब दिया था कि उनके लिए रोजाना अदालत में पेश होना मुश्किल होगा. उन्होंने अपील की थी कि साप्ताहिक आधार पर या फिर अदालत के विवेक पर सुनवाई की जा सकती है. इंद्राणी के पूर्व पति और सह-आरोपी पीटर मुखर्जी ने भी इसे अदालत के विवेक पर छोड़ दिया. 

सीबीआई ने आरोपियों पर लगाया आरोप

सीबीआई ने भी जवाब दाखिल कर सुनवाई में देरी का पूरा दोष आरोपियों पर मढ़ दिया था. उन्होंने कहा कि वे तेजी से सुनवाई कर रहे हैं, गवाहों को बुला रहे हैं, गवाहों से पूछताछ कर रहे हैं. यह देरी बचाव पक्ष की ओर से अलग-अलग याचिकाएं लगाने और समय पर जिरह पूरी करने में जानबूझकर देरी करने की वजह से हुई है.  

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सीबीआई ने कहा कि जिरह की तैयारियों के लिए सुनवाई मुल्तवी करना और जिरह के लिए लंबी-लंबी तारीखें लेने रिकॉर्ड का हिस्सा हैं. इसलिए अभियोजन पक्ष किसी भी देरी के लिए जिम्मेदार नहीं है.  

कोर्ट ने तय कीं कार्यवाही की तारीखें

कोर्ट ने सभी को सुनने के बाद इंद्राणी की याचिका मंजूर कर ली और सीबीआई को सुनवाई में तेजी लाने का निर्देश दिया. अदालत ने कहा, "सभी पक्षों की सहमति से सुनवाई की तारीखें महीने के पहले गुरुवार-शुक्रवार और तीसरे गुरुवार-शुक्रवार को तय की जाती हैं."
अदालत ने आगे कहा, "न्यायाधीश ने कहा कि पार्टियां किसी भी आपात स्थिति में तारीखों को समायोजित करने के लिए स्वतंत्र हैं और सीबीआई को उन गवाहों के नाम पहले ही उपलब्ध कराने होंगे, जिनसे निश्चित तारीखों पर पूछताछ की जानी है."  

2012 में हुई थी शीना बोरा की हत्या 

सीबीआई के अनुसार, अप्रैल 2012 में इंद्राणी ने खन्ना की मदद से शीना बोरा (24) की कार में कथित तौर पर गला घोंटकर हत्या कर दी थी. बोरा इंद्राणी की पिछले रिश्ते से बेटी थी. हत्या का खुलासा 2015 में तब हुआ जब इंद्राणी के ड्राइवर श्यामवर राय ने एक अन्य मामले में पकड़े जाने के बाद पुलिस को इसके बारे में बताया.
 

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