
श्रद्धा वाल्कर हत्याकांड के मामले में राज्य सरकार ने एसआईटी का गठन किया है. श्रद्धा के पिता विकास वाल्कर आज इसी मामले की जानकारी लेने मीरा भायंदर वसई विरार के पुलिस कमिश्नर मधुकर पांडे के पास पहुंचे. इस दौरान पुलिस मुख्यालय पर उनके साथ परिवार के अन्य लोग भी मौजूद थे.
पुलिस कमिश्नर से मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए विकास वाल्कर ने कहा कि श्रद्धा हत्याकांड में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई के विषय में बात की है. पुलिस कमिश्नर ने कहा है कि उन्होंने वसई डिवीजन के डीसीपी को इस मामले की जांच सौंपी है.
उन्होंने कहा कि डीसीपी जल्द से जल्द जांच प्रक्रिया पूरी कर उन सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई करेंगे. विकास वाल्कर ने दिल्ली पुलिस द्वारा की गई जांच की सराहना करते हुए आरोपी आफताब पूनावाला को फांसी से भी अगर कोई सख्त सजा है तो वो दिए जाने की मांग की है.
कैसे दिया गया वारदात को अंजाम?
बता दें कि आफताब को दिल्ली पुलिस ने श्रद्धा मर्डर केस में 12 नवंबर को गिरफ्तार किया था. इसके बाद पुलिस ने आफताब से पूछताछ की. आफताब ने बताया था कि श्रद्धा उस पर शादी का दबाव डाल रही थी. इसी को लेकर उसका 18 मई को श्रद्धा के साथ झगड़ा हुआ था. इसके बाद उसने श्रद्धा की गला दबाकर हत्या कर दी.
हत्या के बाद उसने श्रद्धा के शव के आरी से 35 टुकड़े किए. उसने शव के टुकड़ों को रखने के लिए 300 लीटर का फ्रिज खरीदा. इसके बाद उसने शव के टुकड़ो को इसमें रखा. वह रोज रात में महरौली के जंगलों में शव के एक टुकड़े को फेंकने जाता था.