
महाराष्ट्र के ठाणे जिले में स्थित दीवा रेलवे स्टेशन पर केबल इंस्टॉलेशन के दौरान करंट लगने से दो मजदूर बुरी तरह झुलस गए. यह घटना 28 जनवरी को घटी, जिसकी जानकारी शुक्रवार को सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) ने दी. अधिकारियों के अनुसार, यह हादसा लापरवाही के कारण हुआ, क्योंकि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया था.
हादसे में दो मजदूर गंभीर रूप से घायल
सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) की वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक (Sr. PI) अर्चना दुसाने ने बताया कि हादसे में 26 वर्षीय टेक्नीशियन आनंद संजय गोंडडकी और 27 वर्षीय हेल्पर विश्वजीत ओमप्रकाश मिश्रा गंभीर रूप से घायल हो गए. गोंडडकी को 80 प्रतिशत और मिश्रा को 40 प्रतिशत जलने की चोटें आई हैं. दोनों का अस्पताल में इलाज चल रहा है.
ये भी पढ़ें- ठाणे में पानी की पाइपलाइन के पास मिली कैब ड्राइवर की लाश, हत्या के आरोप में महिला गिरफ्तार
कैसे हुआ हादसा?
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि दोनों मजदूर बिना उचित निगरानी के विद्युत केबल को संभाल रहे थे. आमतौर पर इस तरह के काम के दौरान सुपरवाइजर और रेलवे विभाग के सुरक्षा अधिकारी मौजूद रहते हैं, लेकिन घटना के समय वहां कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं था. इसी दौरान एक गलती से केबल ऊपर से गुजरने वाले हाई-वोल्टेज तार से संपर्क में आ गई, जिससे दोनों मजदूरों को तेज करंट लगा और वे गंभीर रूप से झुलस गए.
लापरवाही के लिए मामला दर्ज
GRP ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125 (ऐसा कार्य जिससे किसी व्यक्ति के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरा हो) और धारा 289 (मशीनरी के संबंध में लापरवाहीपूर्ण आचरण) के तहत मामला दर्ज किया है. यह मामला झुलसे हुए मजदूरों, उनके सुपरवाइजर और संबंधित ठेकेदार कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ दर्ज किया गया है, जो इस काम के लिए जिम्मेदार थे.