
बाल ठाकरे की जयंती पर उद्धव ठाकरे और प्रकाश अंबेडकर ने मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस की. दोनों नेताओं ने शिवसेना (उद्धव गुट) और वंचित बहुजन अघाड़ी (वीबीए) के गठबंधन का ऐलान किया. दरअसल, आज यानी 23 जनवरी को बाल ठाकरे की 97वीं जयंती है. दोनों दलों के गठबंधन का अनुमान काफी पहले से लगाया जा रहा था. राज्य में आगामी स्थानीय और नगरीय निकाय चुनावों को देखते हुए इस गठजोड़ को बेहद अहम माना जा रहा है.
गठबंधन के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए उद्धव ठाकरे ने बाल ठाकरे की तुलना डॉ. अंबेडकर से करते हुए कहा कि दोनों की समाज में गलत कामों के खिलाफ लड़ने और उन्हें मिटाने की विरासत रही है. उन्होंने कहा कि इस समय लोगों को बेवजह की अव्यवस्थाओं और परेशानियों में उलझाया जा रहा है. इससे आने वाले समय में निरंकुशता और बढ़ेगी.
उद्धव ठाकरे ने कहा कि हमारा देश तानाशाही की ओर बढ़ रहा है यह दिखाई दे रहा है. जो न्याय व्यवस्था बची हुई है. उस न्याय व्यवस्था को धमकियां दी जा रही है. ये किस लोकतंत्र की पहचान है. मतलब इनको न्याय व्यवस्था भी अपने अधीन लेना है. अन्य संस्था उनके अधीन चाहिए. अगर ऐसे ही सबकुछ रहेगा तो देश में लोकतंत्र कहां बचा? रिजिजू को जो अचानक अहसास हुआ की संविधान सर्वोच्च है. क्या ये संविधान के तहत आता है. संविधान ने सभी को उनके अधिकार दिए.
इस दौरान प्रकाश अंबेडकर ने कहा कि बालासाहेब की जयंती पर शिवसेना और वीबीए का गठबंधन राजनीति में नया बदलाव है. दोनों पार्टियों के हाथ मिलाने के बाद राजनीतिक समीकरण बदलेंगे. विरोधियों पर निशाना साधते हुए प्रकाश अंबेडकर ने कहा कि कुछ पार्टियां अपने सहयोगी दलों को कम करने और खत्म करने की कोशिश में ही लगी रहती हैं. लेकिन लोगों पर निर्भर है कि वो आपको जिताते हैं या हारते हैं.
उन्होंने आगे कहा कि पूंजीवाद और वंशवाद की राजनीति ने बौद्धिक और सामाजिक राजनीति को पीछे छोड़ दिया है. हम यहां राजनीति में इस नकारात्मक प्रवृत्ति को चुनौती देने के लिए आए हैं. उन्होंने कहा कि उनका और शरद पवार का मतभेद नेतृत्व पर आधारित है. यह व्यक्तिगत नहीं है. फिर भी वे उम्मीद करते हैं कि पवार (एनसीपी) उनके गठबंधन में शामिल होगी.
हाल ही में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 'पीपुल्स रिपब्लिकन पार्टी' के अध्यक्ष जोगेंद्र कवाडे के साथ अपनी पार्टी 'बालासाहेबंची शिवसेना' के गठबंधन की घोषणा की थी. कवाडे महाराष्ट्र के अंबेडकरवादी आंदोलन के उल्लेखनीय कार्यकर्ताओं में से एक हैं.
दलित नेताओं के साथ सीएम शिंदे ने की बैठकें
बता दें कि उद्धव और अंबेडकर के इस गठबंधन का मुकाबला करने के लिए सीएम शिंदे ने राज्य के कई दलित नेताओं के साथ बैठकें भी कीं थीं. यहां तक कि डॉ. अंबेडकर की अंतरराष्ट्रीय प्रतिमा और शैक्षिक केंद्र के चल रहे काम पर चर्चा करने के लिए प्रकाश अंबेडकर ने सीएम शिंदे के साथ कुछ बैठकें भी कीं थीं.