
महाराष्ट्र में नया राजनीतिक मोड़ आए महीनों बीत गए हैं लेकिन बीजेपी-उद्धव के बीच वार-पलटवार का दौर अभी जारी ही है. अब उद्धव ठाकरे ने गृह मंत्री अमित शाह के विश्वासघाती वाले बयान पर पलटवार किया है. अपने घर पर पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उद्धव ने कहा कि कल मुंबई में हमने मंगलमूर्ति और अमंगलमूर्ति दोनों को देखा.
ठाकरे बोले कि अब गणपति पंडाल में भी राजनीति होने लगी है. जहां गणपति मौजूद हों वहां अभद्र शब्द नहीं बोलने चाहिए. लेकिन उन्होंने (शाह) बोले.
पूर्व सीएम उद्धव ने आगे कहा कि कल उन्होंने (शाह) कहा कि वे हमें जमीन पर लाना चाहते हैं. तो पहले वे हमें जमीन पर ले आएं, इसपर तब बात करेंगे. लेकिन यह साफ है कि जंग अब शुरू हो गई है. शिवसेना इसको खत्म करेगी.
अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं से उद्धव ने कहा कि भरोसा (लॉटलटी) खरीदी नहीं जा सकती. चाहे कोई कितनी भी कीमत दे. वह बोले कि मैंने पहले ही कह दिया था कि दरवाजा खुला है. तब ही रुकें जब आप निष्ठावान हों. वरना आप उधर (शिंदे गुट या बीजेपी) जा सकते हैं. अब मेरे साथ सिर्फ निष्ठावान शिवसैनिक बचे हैं.
अमित शाह ने क्या कहा था?
अमित शाह कल मुंबई में थे. वहां पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने उद्धव ठाकरे को राजनीतिक और वैचारिक विश्वासघात करने वाला बताया था. उन्होंने कहा था कि उद्धव ने बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा, हिंदुत्व, पीएम मोदी, देवेंद्र फडणवीस और वोटर्स को धोखा दिया जिन्होंने 2019 चुनाव में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन को वोट किया था. वह बोले कि राजनीति में अपमान सहा जा सकता है, लेकिन विश्वासघात नहीं. ऐसे में विश्वासघाती को सजा जरूर मिलनी चाहिए.
शाह ने आगे कहा था कि उद्धव को विश्वासघात की सजा जरूर मिलनी चाहिए, ऐसे में ठाकरे वाले शिवसेना गुट को BMC चुनाव में हराना होगा. शाह ने कहा था कि सीएम शिंदे वाले शिव सेना गुट के साथ मिलकर बीजेपी BMC चुनाव लड़ेगी. उन्होंने इस चुनाव के लिए 150 सीटों का टारगेट रखा था.
बता दें कि महाराष्ट्र में बीते दिनों बड़ा राजनीतिक भूचाल आया था. इसमें महाराष्ट्र की महाविकास अघाड़ी सरकार गिर गई थी क्योंकि मंत्री एकनाथ शिंदे ने शिवसेना के विधायकों को तोड़कर बीजेपी संग मिलकर सरकार बना ली. इस सरकार में शिंदे सीएम बने और देवेंद्र फडणवीस डिप्टी सीएम. लेकिन जंग यहीं नहीं खत्म हुई है. असली शिवसेना कौन है? इस बात को लेकर शिंदे-उद्धव गुट आमने-सामने है.