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महाराष्ट्र के पुणे में रविवार दोपहर को राजश्री माधव वाघमारे (25) नाम की महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हुई, जब वह औंध अस्पताल जा रही थीं. रास्ते में वाकड नाका पर उन्हें तेज दर्द होने लगा, जिसकी वजह से वह अस्पताल नहीं पहुंच पा रही थी.
वाकड नाका पर तैनात दो महिला पुलिसकर्मियों नीलम विजय चव्हाण और रेशमा नजीर शेख ने देखा और पीड़ित महिला को टपरी के शेड में लेकर गईं. इसके बाद महिला पुलिसकर्मियों ने तुरंत 108 नंबर पर फोन कर एंबुलेंस को बुलाया, लेकिन प्रसव पीड़ा के कारण महिला की स्थिति और भी गंभीर हो गई थी.
महिला पुलिसकर्मियों ने कराई डिलीवरी
इस दौरान पुलिसकर्मियों को एहसास हुआ कि महिला को कभी भी प्रसव हो सकता है. इसलिए उन्होंने महिला को पास की टपरी के शेड में शिफ्ट किया और फोन पर डॉक्टर की मदद से प्रसव प्रक्रिया शुरू की. इस काम के लिए दोनों महिला पुलिसकर्मियों की हर जगह जमकर तारीफ हो रही है.
दर्द के चलते महिला नहीं पहुंच पा रही थी अस्पताल
10 मिनट में राजश्री ने एक बच्चे को जन्म दिया. इसके बाद महिला और बच्ची को अस्पताल भेजा गया. महिला पुलिसकर्मियों की सूझबूझ और तत्परता से महिला और बच्चे की जान बचाई गई. दोनों महिला पुलिसकर्मी हिंजेवड़ी ट्रैफिक शाखा में कार्यरत हैं. बताया जा रहा है कि अस्पताल में इलाज के बाद मां और उसका बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ है.