
मुंबई में सीरियल धमाके का दोषी याकूब मेमन एक बार फिर चर्चा में है. इसके साथ बड़ी जानकारियां सामने आ रही हैं. महाविकास अघाड़ी सरकार के समय अगस्त 2020 में दो पूर्व ट्रस्टियों ने वक्फ बोर्ड को पत्र लिखा था और बड़ा कब्रिस्तान के अंदर अवैध रूप से कब्र बेचने की शिकायत की थी. इसके साथ ही बड़ा कब्रिस्तान की देखरेख करने वाले दो लोगों को जमीन अलॉट ना करने पर जान से मारने की धमकी दी गई थी. ये धमकी खुद को याकूब का चचेरे भाई कहने वाले ने दी थी. इस मामले में मुंबई के पुलिस कमिश्नर से भी शिकायत की गई थी.
बताते चलें कि 1993 में मुंबई में सीरियल धमाके हुए थे. इन धमाकों में 257 लोगों की मौत हुई थी. इस मामले में याकूब मेमन को दोषी ठहराया गया था और 2015 में फांसी दी गई थी. याकूब को मरीन लाइन्स रेलवे स्टेशन के सामने करीब 7 एकड़ में बने 'बड़ा कब्रिस्तान' में दफनाया गया था. अब याकूब मेमन के कब्र की एक तस्वीर वायरल हो रही है. इसमें दावा किया जा रहा है कि याकूब मेमन की कब्र को मार्बल और लाइट्स से सजाया गया है.
बीजेपी ने पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर सीएम रहते याकूब मेमन की कब्र मजार में तब्दील करने का आरोप लगाया है तो शिवसेना का कहना है कि महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस की सरकार ने याकूब के शव को उनके परिवार को सौंपा था. मुंबई पुलिस इस मामले में वक्फ बोर्ड, चैरिटी कमिश्नर और बीएमसी से इस संबंध में सवाल जवाब करेगी.
वक्फ बोर्ड से की गई थी निजी कब्रें बेचने की शिकायत
अब बड़ी जानकारी यह है कि दो पूर्व ट्रस्टियों ने अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले वक्फ बोर्ड (WAQF Board) को 22 अगस्त, 2020 एक शिकायत की थी. इसमें बताया था कि कैसे पैसे लेन-देन के लिए निजी कब्रें बेची गईं. उन्हें बैठक में शामिल नहीं किया गया. ये पूरी तरह से भ्रष्टाचार है. बता दें कि महाविकास अघाड़ी सरकार में तब एनसीपी नेता नवाब मलिक अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री थे.
कब्र सौंदर्यीकरण के आरोपी की पूर्व मंत्री के साथ तस्वीर
वहीं, याकूब मेमन की कब्र के सौंदर्यीकरण में कथित तौर पर मदद करने वाले बड़ा कब्रिस्तान के ट्रस्टी शोएब खतीब की एक तस्वीर सामने आई है. इसमें वे MVA सरकार में पूर्व मंत्री असलम शेख के साथ देखे जा रहे हैं.
वहीं, बॉम्बे की जुमा मस्जिद के पूर्व ट्रस्टी जजील नवरंग और परवेज सरकार सामने आए हैं. ये दोनों बड़ा कब्रिस्तान की भी देखरेख करते हैं. नवरंग और परवेज के मुताबिक उनको 2019 और जनवरी 2020 में एआर मेमन उर्फ मर्चेंट (AR Memon alias Merchant) ने धमकी दी थी. AR मेमन ने उन्हें बड़ा कब्रिस्तान में मेमन परिवार के सदस्यों के लिए कब्रों के लिए जगह आवंटित करने के लिए कहा था.
AR मेमन ने कथित तौर पर परवेज और नवरंग को ट्रस्ट से इस बारे में एक नोट जारी करने के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया था और कहा था कि वे नियमों के अनुसार ऐसा नहीं कर सकते हैं. उसके बाद AR मेमन ने उन्हें यह कहकर धमकाया कि वह याकूब मेमन और टाइगर मेमन का चचेरा भाई है. याकूब मर चुका है और शहीद हो गया है, लेकिन टाइगर मेमन जीवित है और उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं. उसके बाद नवरंग और परवेज ने 6 जनवरी 2020 को मुंबई पुलिस कमिश्नर से शिकायत की थी और जान का खतरा बताया था.
कब्रिस्तान के कर्मचारियों का क्या है कहना?
वायरल फोटो को लेकर जब कब्रिस्तान के कर्मचारी से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि यहां कई ऐसी कब्र हैं, जिन्हें मार्बल से सजाया गया है. कुछ लोग बहुत पहले से कब्रिस्तान में अपने रिश्तेदारों के लिए जगह ले कर रखी है जिसका वो सालाना फीस भरते हैं, ऐसे ही याकूब मेमन के कब्र वाली जगह को बहुत पहले से लिया गया है, याकूब मेमन के कब्र के पास 3 और कब्र है जो उनके रिश्तेदारों की हैं. कब्रिस्तान के कर्मचारी अशफाक का कहना है कि लाइट वाली बात फैलाना किसी की शरारत है. क्योंकि पूरे कब्रिस्तान में जगह जगह लाइट लगी हुई हैं. ये शाम 6 बजे से 11 बजे तक जलती हैं. उसके बाद बुझा दिया जाता है, लेकिन अगर किसी को इस दौरान दफनाने की जरूरत होती है तो इस लाइट को जलाया जाता है. याकूब मेमन के कई रिश्तेदार आते हैं जो कब्र की साफ सफाई का ख्याल रखते हैं. उन्होंने बताया कि शब ए बारात के दिन पूरे कब्रिस्तान को सजाया जाता है, लाइट लगाई जाती हैं. हो सकता है ये फोटो तभी का हो.