ISRO का चंद्रयान-3 (Chandrayaan) चांद की सतह पर उतरने वाला है. इसको लेकर हर भारतवासी का जोश हाई है. दुवाओं और प्रार्थनाओं का दौर चल रहा है. सभी को शाम 6 बजकर 4 मिनट का इंतजार है. ये वो समय है जब चंद्रयान-3 चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड करेगा. इस बीच चंद्रयान-3 की सफलता के लिए एक शख्स ने खुद को तिरंगे के रंग में रंग लिया.
ये दृश्य है इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय का है. जहां छात्रों ने प्रयागराज में संगम पर चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग की कामना करते हुए रेत पर अकृति बनाई.
ISRO के इस Moon Mission पर भारत ही नहीं दुनिया भर के वैज्ञानिकों के साथ-साथ आम लोगों की नजरें टिकी हुई हैं. सोशल मीडिया पर Chandrayaan ट्रेंड कर रहा है. जहां लोग अलग-अलग तरीके से अपनी खुशी बयां कर रहे हैं. इन सबके बीच Chandrayaan-3 की सफलता के लिए काशी, हरिद्वार में हवन-पूजन हुआ तो तमिलनाडु के रामेश्वरम में प्रार्थना की गई. पुणे के सिद्धिविनायक मंदिर में भी लोगों द्वारा पूजा अर्चना हुई. देश के कोने-कोने से हर तबके के लोग 'मून मिशन' के सफल होने की कामना कर रहे हैं.
चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग यानी बेहद आराम से उतरने में कामयाब होने के बाद अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत की ओर से ये बड़ी छलांग होगी. क्योंकि दुनिया का कोई भी मुल्क अब तक चांद के इस हिस्से पर सॉफ्ट लैंडिंग करने में सफल नहीं हो पाया है.
स्कूली बच्चों में भी जोश देखते ही बन रहा है. देश के तमाम स्कूलों में बच्चों को चंद्रयान की चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग दिखाई जाएगी. बच्चों से लेकर बड़ों तक में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है.
सॉफ्ट लैंडिंग कार्यक्रम का सीधा प्रसारण शाम 5:20 मिनट से इसरो की वेबसाइट, यूट्यूब चैनल और डीडी नेशनल पर शुरू होगा. आप इसे आजतक न्यूज चैनल पर भी देख सकते हैं.
आज चांद पर लैंडर विक्रम लैंड करेगा. चांद की सतह पर उतरते ही विक्रम लैंडर का एक साइड पैनल मुड़ जाएगा, जिससे प्रज्ञान रोवर के लिए रैंप यानी उतरने के लिए रास्ता खुल जाएगा. रैंप के जरिए छह पहियों वाला प्रज्ञान रोवर बाहर आएगा और ISRO से कमांड मिलने के बाद चांद की सतह पर चलेगा.
ये नजारा है चेन्नई का है, जहां चंद्रयान-3 की प्री-सॉफ्ट लैंडिंग का एवरविन स्कूल के छात्र जश्न मना रहे हैं.
प्रज्ञान रोवर 500 मीटर तक के इलाके में चहलकदमी कर पानी और वहां के वातावरण के बारे में ISRO को बताएगा. प्रज्ञान में ISRO का लोगो और तिरंगा बना हुआ है. चांद की सतह पर उतरने के करीब चार घंटे बाद प्रज्ञान लैंडर से बाहर निकलेगा.
चांद की सतह का अध्ययन करने के लिए लैंडर के पास दो हफ्तों का समय होगा. प्रज्ञान रोवर चांद की सतह पर घूमेगा और डाटा को लैंडर तक भेजेगा, ये लैंडर फिर डाटा को धरती तक भेजेगा.
चंद्रयान-3 मिशन पर 615 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं. साल 2019 में चंद्रयान-2 मिशन के असफल होने के बाद चंद्रयान-3 मिशन की शुरुआत हुई थी. इसे 14 जुलाई, 2023 को लॉन्च किया गया.
वैज्ञानिकों के मुताबिक, 30 किलोमीटर की ऊंचाई से चंद्रयान-3 का लैंडर चांद पर उतरेगा. चांद की सतह तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया में 17 मिनट 21 सेकेंड का वक्त लगेगा. ये वो वक्त है जो सबसे अहम है. चंद्रयान-3 का लैंडर इस अवधि में खुद से ही काम करेगा. इस दौरान ISRO के वैज्ञानिक कोई कमांड नहीं दे पाएंगे. साथ ही लैंडर को सही समय, सही ऊंचाई और सही मात्रा में ईधन का इस्तेमाल करते हुए लैंडिंग करनी होगी. आखिरी पलों में लैंडर के लिए गलती की कोई गुंजाइश नहीं होगी.
(फोटो क्रेडिट- PTI, AP, ISRO)