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न PAK का ड्रोन हिम्मत करेगा, न चीन का फाइटर जेट... भारत के पास है ऐसी मिसाइल

ऋचीक मिश्रा
  • नई दिल्ली,
  • 02 जून 2022,
  • अपडेटेड 4:56 PM IST
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भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) के पास एक शानदार शॉर्ट रेंज का सरफेस टू एयर मिसाइल सिस्टम है. यानी सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल. इसका नाम है पेचोरा (Pechora). इसकी तो शक्ल देखकर ही दुश्मन की हालत खराब हो जाए. इसे सोवियत संघ ने बनाया था. (फोटोः Indian Air Force)

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अभी भारत के पास इसके 30 स्क्वॉड्रन्स हैं. जो अलग-अलग सीमाओं पर सुरक्षा के लिए तैनात हैं. दुनिया में 9 से ज्यादा युद्धों में इसका उपयोग हो चुका है. इसके 12 वैरिएंट्स हैं, जिनका उपयोग दुनियाभर के 31 देश कर रहे हैं. इसमें लगी मिसाइल 953 किलोग्राम वजनी होती है. (फोटोः Indian Air Force)

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लंबाई 6.09 मीटर है. व्यास 375 मिलीमीटर. इसकी नाक पर फ्रैगमेंटेड हाई एक्सप्लोसिव हथियार लगाया जाता है. जो टारगेट को विस्फोट के साथ बुरी तरह से ध्वस्त कर देता है. इस पर 60 किलोग्राम वजन का हथियार लगा सकते हैं. इसमें सॉलिड प्रोपेलेंट रॉकेट मोटर लगा होता है जो इसे तेजी से टारगेट की ओर लेकर जाता है. इसके ऑपरेशनल रेंज 3.5 से 35 किलोमीटर है. (फोटोः AFP)

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पेचोरा (Pechora) मिसाइल अधिकतम 59 हजार फीट की ऊंचाई तक जा सकती है. इसकी स्पीड इतनी घातक है कि इससे बचना नामुमकिन हो जाता है. यह 3704 से 4322 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उड़ती है. पेचोरा मिसाइल की सबसे खास बात है कम ऊंचाई पर उड़ते हुए टारगेट को खत्म करने की ताकत. कम रेंज में इसका दो स्टेज का रॉकेट किसी भागते दौड़ते टारगेट को भी ध्वस्त कर सकता है. (फोटोः Indian Air Force)

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मिसाइल थोड़ा पुराने टेक्नीक पर काम करती है, यानी रेडियो कमांड गाइडेंस सिस्टम पर. कोई भी अत्याधुनिक विमान सबकुछ बंद कर सकता है लेकिन वह अपना रेडियो बंद नहीं कर सकता. अगर दुश्मन का विमान, हेलिकॉप्टर रेडियो बंद नहीं कर पाएगा तो यह मिसाइल उसे ध्वस्त कर देगी. यहां तक कि छोटे-मोटे ड्रोन्स का भी खात्मा कर देती है. (फोटोः AFP)

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इस मिसाइल को सबसे पहले 1961 में मॉस्को में तैनात किया गया था. इसके अलावा सोवियत संघ के अन्य इलाकों में भी तैनात किया गया था. हर मिसाइल यूनिट के साथ राडार सिस्टम लगा होता है जो एक कमांड बिल्डिंग या फिर ट्रक में लगाया जाता है. (फोटोः Indian Air Force)

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मिसाइल के तीन तरह के रडार होते हैं. पहले ऐसा रडार जो 32 किलोमीटर की रेंज में आने वाले दुश्मन टारगेट की जानकारी देता है. दूसरा 80 किलोमीटर और तीसरा 250 किलोमीटर तक. इसी रडार की जानकारी पर पेचोरा (Pechora) मिसाइल टारगेट की ओर बढ़ती है. (फोटोः Indian Air Force)
 

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भारतीय नौसेना के कुछ फ्रिगेट्स युद्धपोत में पेचोरा (Pechora) मिसाइल का M-1 Volna System वैरिएंट लगा है. इसके लगातार ताकतवर अपग्रेड्स आ रहे हैं. इन मिसाइलों का उपयोग हॉलीवुड जासूसी या युद्ध वाली फिल्मों में दिखाया गया है. (फोटोः AFP)

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