इंडियन नेवी ने दुश्मन के ड्रोन से निपटने के लिए इजरायल से हथियार का ऑर्डर दिया है. इजरायल को 'स्मैश-2000 प्लस' का ऑर्डर दिया गया है. यह एंटी-ड्रोन हथियार कंप्यूटराइज्ड फायर कंट्रोल और इलेक्ट्रो-ऑप्टिक साइट प्रणाली से लैस है. इसे बंदूक और राइफल के ऊपर फिट किया जा सकता है. (Photos: sharp shooter)
दरअसल, पिछले दिनों नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह ने घोषणा की थी कि ड्रोन हमलों से निपटने के लिए इंडियन नेवी इस तरह के स्मैश-2000 सिस्टम खरीद रही है. अगले साल के शुरूआत से नौसेना को इस स्मैश-2000 फायर कंट्रोल सिस्टम की डिलीवरी शुरू हो जाएगी. अब इसका ऑर्डर दे दिया गया है.
इजरायल डिफेंस की वेबसाइट के मुताबिक, स्मैश-2000 में एक कंप्यूटर कंट्रोल होता है जो फायर कंट्रोल करता है. इनसे लगाया निशाना बेहद सटीक होता है जो अपनी रेंज में आने वाले ऑब्जेक्ट्स को मार गिराता है. यह मूविंग और स्टिल दोनों टारगेट को हिट कर सकता है.
ये हथियार करीब 120 मीटर ऊंचाई तक उड़ रहे ड्रोन को मार गिराने में सक्षम हैं. इसकी मदद से दिन या रात के समय में किसी भी छोटे ड्रोन को हवा में मार गिराया जा सकता है. स्मैश-2000 को इजरायल की कंपनी स्मार्ट शूटर ने तैयार किया है. एक स्मैश-2000 की कीमत 10 लाख के आसपास होगी.
इजरायल की स्मार्ट शूटर कंपनी के मुताबिक, भारतीय सेना इन्हें AK-47/103 रायफल्स पर फिट करेगी. स्मार्ट शूटर ने जुलाई में इससे जुड़ी गन को विकसित किया था. इस गन को लाइट रिमोट कंट्रोल्ड वेपन स्टेशन के नाम से भी जाना जाता है. इस सिस्टम को किसी ट्रायपॉड, जमीन या किसी गाड़ी के ऊपर लगाया जा सकता है.
दिलचस्प बात ये है कि स्मैश-2000 को किसी ऑटोमेटिक गनमाउंट की जरूरत नहीं होती है. यह अपने आप ही लक्ष्य को ढूंढकर उसे लॉक कर लेता है. जिसके बाद दूर बैठा ऑपरेटर को जब लगता है कि अब फायर करने से लक्ष्य को ज्यादा नुकसान होता, तब वह रिमोट कंट्रोल के जरिए फायर कर सकता है.