जम्मू-कश्मीर में आज, 18 सितंबर 2024 को लोकतंत्र का सबसे बड़ा पर्व मनाया जा रहा है. विधानसभा चुनाव में आज (बुधवार) पहले चरण के लिए वोट डाले जा रहे हैं. 7 जिलों के मतदाता 10 साल बाद मतदान कर रहे हैं. मतदान पूरे जोर-शोर से जारी है. सबसे तेज वोटिंग किश्तवाड़ और शोपियां में हो रही है. उमर अब्दुल्ला ने लोगों से ज्यादा से ज्यादा वोटिंग करने की अपील की है.
उन्होंने कहा है कि इंजीनियर राशिद चुनाव के बाद बीजेपी को समर्थन दे सकता है इसलिये जनता सोच समझकर मतदान करे.
पहले चरण के मतदान के लिए सुरक्षाबलों और एजेंसियों ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है. साथ ही चुनाव आयोग ने विस्थापित कश्मीरी पंडितों के लिए भी विशेष व्यवस्था की है.
दिल्ली, जम्मू और उधमपुर में विस्थापित कश्मीरी पंडितों के लिए विशेष मतदान केंद्र बनाए गए हैं. विस्थापित कश्मीरी पंडितों के लिए दिल्ली में 4, जम्मू में 19 और उधमपुर में 1 विशेष मतदान केंद्र बनाया गया है.
बता दें कि जम्मू क्षेत्र के तीन जिलों और कश्मीर घाटी के चार जिलों में 24 सीटों पर 90 निर्दलीय सहित 219 उम्मीदवारों के लिए 23 लाख से ज्यादा मतदाता वोट डालेंगे.
इसमें कश्मीर की 16 और जम्मू की आठ सीटें शामिल हैं. अगस्त 2019 में धारा 370 निरस्त होने के बाद जम्मू कश्मीर में ये पहला विधानसभा चुनाव है.
चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, पहले चरण में 18 से 19 साल के 1 लाख 23 हजार युवा वोटर अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे.
जम्मू-कश्मीर में कुल तीन चरणों में वोटिंग होनी है. पहले चरण में 18 सितंबर यानी आज वोटिंग हो रही है. दूसरे में 25 सितंबर और तीसरे फेज में 1 अक्टूबर को वोटिंग होनी है. इन सभी चरणों के नतीजे 8 अक्टूबर को आएंगे.
इन सभी चरणों के नतीजे 8 अक्टूबर को आएंगे. 90 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 13 मुख्य दलों में मुकाबला हो रहा है.
क्षेत्रीय पार्टियों में महबूबा मुफ्ती के नेतृत्व वाली पीडीपी और उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली नेशनल कॉन्फ्रेंस इस चुनाव में प्रमुखता से मैदान में हैं. नेशनल कॉन्फ्रेंस मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस के साथ गठबंधन कर चुनावी मैदान में उतरी है.