
देश में इस वक्त सौरभ हत्याकांड के अलावा औरैया और बेंगलुरु मर्डर को लेकर भी चर्चा हो रही है. तीनों ही मामलों में हत्या का पैटर्न एक ही है. उत्तर प्रदेश के मेरठ में जहां सौरभ की पत्नी मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी. वहीं, यूपी के औरैया में भी प्रगति ने शादी के सिर्फ 15 दिन बाद ही अपने पति दिलीप की हत्या की साजिश रच डाली. इसके अलावा बेंगलुरु का मामला भी ठीक इसी तरह है. जहां पत्नी ने पति की हत्या कर दी. सबसे बड़ी बात तीनों ही शादियां लव मैरिज थीं. ऐसे में आइए विस्तार से जानते हैं तीनों हत्याकांड की कहानी....
सबसे पहले जानते हैं सौरभ हत्याकांड की कहानी
उत्तर प्रदेश के मेरठ में सौरभ की हत्या उसकी पत्नी ने ही प्रेमी के साथ मिलकर कर दी. सौरभ मुस्कान से प्यार करता था. मुस्कान उसकी जिंदगी से दूर न जाए, इसलिए उसने परिवार के खिलाफ जाकर शादी भी की. शादी के बाद दोनों से एक बेटी भी हुई. हालांकि शादी के कुछ ही वर्षों बाद सौरभ लंदन कमाने के लिए चला गया. इसी बीच सौरभ की पत्नी मुस्कान की बचपन के स्कूल फ्रेंड साहिल से मुलाकात होने लगी और उसे साहिल से प्यार हो गया.
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सौरभ जब लंदन में रहता था, तब मुस्कान सिर्फ और सिर्फ साहिल के साथ रहती थी. मुस्कान साहिल के प्यार में इस कदर डूब गई कि उसने उसे रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया और साहिल के साथ मिलकर हत्या की साजिश रच डाली. इसी बीच लंदन से जब सौरभ घर आया तो मुस्कान ने सोते समय चाकू से वार दिया और फिर बॉडी के कई पार्ट कर दिए. इसके बाद साहिल की मदद से ड्रम में बॉडी के पार्ट को रखकर सीमेंट से जमा दिए. सबसे बड़ी बात हत्याकांड को अंजाम देने के बाद मुस्कान प्रेमी साहिल के साथ घूमने हिमाचल प्रदेश निकल गई. हालांकि, सौरभ के हत्या के आरोप में पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया. फिलहाल दोनों जेल में हैं.
अब जानते हैं औरैया के प्रगति की कहानी
औरैया में प्रगति ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर शादी के 15 दिन बाद ही पति दिलीप की हत्या करवा दी. अब तक की जानकारी में सामने आया है कि प्रगति की बड़ी बहन पारुल की शादी 2019 में दिलीप के बड़े भाई संजय के साथ हो चुकी थी, इसलिए प्रगति और दिलीप एक-दूसरे से परिचित थे. लेकिन इस रिश्ते में एक अनकही सच्चाई छुपी थी. प्रगति का दिल पहले से किसी और के लिए धड़कता रहा था. वह अनुराग यादव से प्रेम करती थी, जो उसके गांव का ही था. बताया जा रहा है कि जब इस रिश्ते की भनक परिवार को लगी, तो आनन-फानन में उसकी शादी दिलीप से तय कर दी गई. 5 मार्च 2025 को दोनों ने सात फेरे लिए. लेकिन प्रगति के इरादे नहीं बदले. शादी के बाद भी, उसका प्यार अनुराग के लिए जिंदा था. इसी प्यार के चलते उसने एक ऐसा रास्ता चुना जिसे सुनकर सब चौंक गए.
दरअसल, प्रगति ने अपने प्रेमी अनुराग से मिलकर दिलीप को मारने की योजना बनाई. दिलीप हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक अभिजीत शंकर ने बताया कि 19 मार्च 2025 को औरैया जिले के सहार थाना क्षेत्र में पुलिस को सूचना मिली कि एक गेहूं के खेत में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ा है. जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो देखा कि वह व्यक्ति खून से लथपथ था. उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तीन दिन तक जिंदगी और मौत की जंग लड़ने के बाद, 22 मार्च को उसने दम तोड़ दिया. मृतक की पहचान दिलीप यादव के रूप में हुई. जब यह खबर उसके परिवार तक पहुंची, तो मातम छा गया. दिलीप के भाई ने सहार थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया, और पुलिस इस ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाने में जुट गई.
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मामले की जांच में जुटी पुलिस ने सीसीटीवी में देखा कि कुछ लोग दिलीप को बाइक पर बैठाकर ले जा रहे थे. इस सुराग को पकड़कर पुलिस ने मुखबिरों को सक्रिय किया और जल्द ही रामजी नागर का नाम सामने आया. 24 मार्च 2025 को पुलिस ने रामजी नागर को धर दबोचा. पूछताछ में उसने जो कबूला, उसने पूरे मामले की परतें खोल दीं. रामजी नागर ने बताया कि पूरी साजिश प्रगति और उसके प्रेमी अनुराग यादव ने रची थी. शादी से पहले ही प्रगति अनुराग से प्यार करती थी और किसी भी कीमत पर उसे पाना चाहती थी. लेकिन जबरन हुई शादी ने उसे इस हद तक धकेल दिया कि उसने हत्या का रास्ता चुन लिया. प्रगति ने अनुराग को एक लाख रुपये दिए, जिसे अनुराग ने मुख्य हत्यारे रामजी नागर को सौंपा. दो लाख रुपये में सौदा तय हुआ और इस योजना को अंजाम देने के लिए पूरी टीम तैयार की गई. फिलहाल पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों यानि कि रामजी नागर, अनुराग यादव और खुद प्रगति यादव गिरफ्तार किया है. साथ ही पुलिस हत्या में शामिल अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है.
अब जानते हैं कि बेंगलुरु के लोकनाथ सिंह हत्याकांड की कहानी
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक 37 वर्षीय रियल एस्टेट एजेंट की उसकी ही पत्नी ने हत्या कर दी. दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. मुख्य आरोपी मृतक की पत्नी और सह आरोपी उसकी सास है. जानकारी के मुताबिक, बीजीएस लेआउट में एक निर्माणाधीन इमारत के पास रियल एस्टेट एजेंट लोकनाथ सिंह का शव मिला था. सोलादेवनहल्ली में 22 मार्च को उसकी हत्या कर दी गई थी. उसकी हत्या का आरोप पत्नी यशस्विनी (19) और उसकी मां हेमा भाई (37) पर लगा है. यशस्विनी ने कुछ महीने पहले अपने माता-पिता की मर्जी के खिलाफ लोकनाथ से शादी की थी.
बताया जाता है कि शादी के बाद यशस्विनी जब ससुराल पहुंची तो उसे पता चला कि उसके पति के दूसरी महिलाओं के साथ भी संबंध हैं. इस बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर झगड़ा होता था. पति को उसने कई बार समझाया, लेकिन जब वो नहीं माना, तो वो अपने माता-पिता के घर वापस चली गई. इसके बाद उसके पति ने घर वापस लौटने का दबाव बनाना शुरू कर दिया. इसे लेकर वो यशस्विनी के माता-पिता के साथ झगड़ा करता और उनको परेशान करता था. उसने अपनी पत्नी को धमकी भी दी कि यदि वो वापस नहीं लौटी, तो उसकी मां को अपने साथ घर ले जाएगा. ये बात उसके ससुराल वालों को बहुत नागवार गुजरी. इसके बाद यशस्विनी और उसकी मां हेमा ने लोकनाथ सिंह की हत्या की साजिश रची.
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प्लान के तहत 22 मार्च को यशस्विनी ने लोकनाथ सिंह से संपर्क किया. उसे मिलने के लिए बेंगलुरु के पास एक जगह पर बुलाया. दोनों वहां मिले, जिसके बाद सोलादेवनहल्ली चले गए. इस दौरान उसकी मां ऑटो से उनका पीछा करती रही. वहां जाने के बाद लोकनाथ जमकर बीयर पिया. इसके बाद नशे में आ गया. पति के नशे में आने के बाद यशस्विनी ने उसके खाने में नींद की गोलियां मिला दी थीं. जब वह बेहोश हो गया, तो उसकी मां ने उसके गले के बाईं ओर चाकू से दो से तीन बार वार कर दिया. वारदात तब प्रकाश में आया जब एक राहगीर ने बिलिजाजी गांव के बीजीएस लेआउट में निर्माणाधीन इमारत के पास लोकनाथ सिंह का शव कर पुलिस को सूचित किया. जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने लोकनाथ सिंह की पत्नी और सास को गिरफ्तार कर लिया. मामले में जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो दोनों ने राज उगल दिए.