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तेंदुए के हमले से तीन साल की बच्ची की मौत, स्थानीय लोगों का प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन

नीलगिरी जिले में तेंदुए के हमले से तीन साल की एक बच्ची की मौत हो गई. कथित तौर पर जब तेंदुए ने उस पर हमला किया तब बच्ची एक चाय बागान में खेल रही थी. हालांकि उसकी चीखें सुनकर स्थानीय लोगों ने उसे बचाने और नजदीकी अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन उसने दम तोड़ दिया.

प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 06 जनवरी 2024,
  • अपडेटेड 11:47 PM IST

नीलगिरी जिले में तेंदुए के हमले से तीन साल की एक बच्ची की मौत हो गई. कथित तौर पर जब तेंदुए ने उस पर हमला किया तब बच्ची एक चाय बागान में खेल रही थी. हालांकि उसकी चीखें सुनकर स्थानीय लोगों ने उसे बचाने और नजदीकी अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन उसने दम तोड़ दिया. घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और जानवर को मारने की मांग की.

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अधिकारियों को संदेह है कि क्षेत्र में हाल ही में पांच अन्य लोगों पर हुए हमलों के पीछे वही तेंदुआ है. वन विभाग के कर्मचारियों को तेंदुए को बेहोश कर उसे कहीं और भेजने के निर्देश दिए गए हैं.

उधर छत्तीसगढ़ में एमसीबी जिले के वन परिक्षेत्र बहरासी के ग्राम पंचायत मोहनटोला में शुक्रवार सुबह मवेशियों को चराने गए युवक पर तेंदुए ने हमला कर दिया. युवक की चीख पुकार सुनकर चरवाहों ने तेंदुआ को खदेड़ा. इसके बाद तेंदुआ वहां से भाग कर अरहर खेत में जा घुसा. बताया जा रहा है कि वहां पर दो तेंदुआ थे.

बलरामपुर में तेंदुए के हमले से 10 साल के बच्चे की हुई थी मौत
कुछ दिन पहले उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में तेंदुए के हमले से 10 साल के बच्चे की मौत हो गई थी. पोते की मौत का सदमा उसके दादा बर्दाश्त नहीं कर पाए, जिस कारण बाद में उनकी भी मौत हो गई. मामला हरैया थाना क्षेत्र के धर्मपुर गांव का था. बच्चा बकरियां चराकर गांव लौट रहा था तभी एक तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया और उसे जंगल में ले गया. इसके बाद उसका शव गांव के पास एक झाड़ी में मिला. बच्चे के दादा मोर्रम अली पोते की मौत की खबर सुनकर इस कदर सदमे में चले गए और उनकी भी मौत हो गई.

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