
वक्फ (संशोधन) विधेयक पर लोकसभा में चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके इसका विरोध किया है. राहुल गांधी ने इसे मुसलमानों को हाशिए पर डालने वाला बताया. बता दें कि राहुल गांधी ने वक्फ बिल पर चर्चा में हिस्सा नहीं लिया था.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर राहुल गांधी ने लिखा, 'वक्फ (संशोधन) विधेयक मुसलमानों को हाशिए पर डालने तथा उनके व्यक्तिगत कानूनों और संपत्ति अधिकारों को हड़पने के उद्देश्य से बनाया गया एक हथियार है.'
राहुल ने आगे लिखा, 'आरएसएस, भाजपा और उनके सहयोगियों द्वारा संविधान पर यह हमला आज मुसलमानों को निशाना बनाकर किया जा रहा है, लेकिन यह भविष्य में अन्य समुदायों को निशाना बनाने के लिए एक मिसाल कायम करता है.'
कांग्रेस ने किया विरोध
कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी इस विधेयक का कड़ा विरोध करती है क्योंकि यह भारत की मूल अवधारणा पर हमला करता है और अनुच्छेद 25, धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन करता है.
संसद में क्यों नहीं बोले राहुल गांधी
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी हैं लेकिन राहुल गांधी ने वक्फ बिल पर विपक्ष की तरफ से कोई भाषण नहीं दिया है. और ये भी तब हुआ है, जब राहुल गांधी पिछले हफ्ते ये कह रहे थे कि सरकार उन्हें संसद में बोलने नहीं देती.
जानकारी के मुताबिक, संसदीय दल की बैठक में राहुल गांधी ने ये सुझाव दिया था कि वक्फ बिल पर उन्हीं नेताओं को भाषण देना चाहिए जो इस मुद्दे पर बनाई गई Joint Parliamentary Committee (जेपीसी) का हिस्सा थे और इसी वजह से कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने विपक्ष की तरफ से सबसे पहला भाषण दिया.