
किसानों ने आज भारत बंद का आह्वान किया है. मोदी सरकार जो किसान बिल लाई है उसके विरोध में बुलाया गया है. कई राज्यों में तो कई दिनों से प्रदर्शन जारी है लेकिन आज पूरे भारत में इसका असर दिखेगा. बंद को कामयाब बनाने के लिए राजस्थान, यूपी, हरियाणा, पंजाब समेत कई राज्यों के किसानों ने एकजुटता दिखाई है. भारतीय किसान यूनियन, अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति और इसी तरह के तमाम किसान संगठन सड़क पर होंगे.
कई राजनीतिक दलों का समर्थन भी बंद को हासिल है. तो इस विरोध का स्वरुप क्या होगा, इससे अब हासिल क्या होनेवाला है, क्यों विरोध कर रहे किसानों को सरकार के MSP न ख़त्म होने की बात पर भरोसा नहीं हो रहा है? इन्हीं सवालों का जवाब जानने के लिए हमने बात की किसान संघर्ष समन्वय समिति के संयोजक और पूरनपुर विधानसभा से पूर्व विधायक सरदार वीएम सिंह से. वो बता रहे हैं कि आंदोलन क्यों हो रहा है, कैसा होगा, उनकी मांग क्या है और पीएम मोदी के आश्वासन पर उन्हें भरोसा क्यों नहीं है?
कोरोना संकट के बीच कल दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन यानि SAARC देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई. ये बैठक वर्चुअल हुई लेकिन इस बार बैठक में पाकिस्तान के सुर कुछ बदले बदले नज़र आए. बदले भी क्या नज़र आए बल्कि सुनाई ही नहीं पड़े. पाकिस्तान की तरफ से उनके विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने बैठक में हिस्सा लिया था. उनके भाषण में न तो कश्मीर का जिक्र था और न ही बैकग्राउंड में कोई नक्शा लगाया गया था. पाकिस्तान के इस बदले रूप को लेकर कयासबाज़ी जारी है. हमने फोन लगाया शक्ति सिन्हा को जो अटल बिहारी वाजपेयी के समय पीएमओ में संयुक्त सचिव रहे और विदेशी मामलों के जानकार हैं. सिन्हा जी से हमने पूछा कि पाकिस्तान के बदले रुख के पीछे क्या हो सकता है?
अगर कोई बाइक्स का दीवाना है तो हो नहीं सकता कि उसके ख़्वाबों में हार्ले डेविडसन ने हंगामा ना काटा हो. हर कोई चाहता है कि उसके पास कम से कम एक हार्ले डेविडसन ज़रूर हो. भारत में इस कंपनी का कारखाना भी है लेकिन एक बुरी खबर आई है. कारखाना बंद हो गया है. कंपनी ने भारत में अपना प्रोडक्शन और सेल्स ऑपरेशन बंद करने की घोषणा कर दी है तो सवाल है कि हार्ले डेविडसन को अपना कारोबार समेटना क्यों पड़ रहा है? बता रहे हैं इंडिया टुडे हिंदी पत्रिका के एसोसिएट एडिटर शुभम शंखधार.
और ये भी जानिए कि 25 सितंबर की तारीख इतिहास के लिहाज़ से अहम क्यों है.. क्या घटनाएं इस दिन घटी थीं. अख़बारों का हाल भी पांच मिनटों में सुनिए और खुद को अप टू डेट कीजिए. इतना कुछ महज़ आधे घंटे के न्यूज़ पॉडकास्ट 'आज का दिन' में नितिन ठाकुर के साथ.