Advertisement

क्यों अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है चीन, सुनें 'आज का दिन'

LAC पर चीन की इन चालों के पीछे क्या रणनीति है और वो क्यों हरकतों से बाज नहीं आ रहा, बता रही हैं इंडिया टुडे टीवी की फॉरेन अफेयर्स एडिटर्स गीता मोहन.

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग (फाइल फोटो) चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग (फाइल फोटो)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 15 सितंबर 2020,
  • अपडेटेड 8:19 AM IST

भारत-चीन के बीच हालात सामान्य नहीं हो पा रहे हैं. कई स्तर पर बातचीत भी हो गई मगर एक दूसरे से शिकायतें बनी हुई हैं. अब कल एक और खबर आई. चीनी सैनिक पश्चिमी हिमालयी फ्लैशपॉइंट पर ऑप्टिकल फाइबर केबल का एक नेटवर्क बिछाते देखे गए. चीन की यह सीमा भारत के साथ लगती है. उधर भारत में चीन के राजदूत सुन वीदोंग ने कहा कि एक ऐसे समाधान को तलाशने की जरुरत है जो दोनों देशों के लिए विन-विन सिचुएशन हो. साथ ही चीनी राजदूत ने भारत पर एलएसी को पार करने और यथास्थिति को बदलने का आरोप भी मढ़ दिया. चीन की इन चालों के पीछे क्या रणनीति है और वो क्यों हरकतों से बाज नहीं आ रहा, बता रही हैं इंडिया टुडे टीवी की फॉरेन अफेयर्स एडिटर्स गीता मोहन.

Advertisement

महंगाई को लेकर सरकार ने कल दो आंकड़े जारी किए. थोक बाज़ारों में जो कीमतें हैं और उपभोक्ताओं के लिए जो कीमतें हैं दोनों बताई गईं. आलू, टमाटर जैसे फूड आइटम के दाम बढ़े तो अगस्त में थोक महंगाई बढ़कर 0.16 फीसदी हो गई. अगर खुदरा महंगाई की बात करें यानि वो कीमतें जिन पर आप और हम सामान खरीदा करते हैं तो जुलाई के मुकाबले अगस्त में खुदरा महंगाई दर में गिरावट दर्ज की गई है. कुल मिलाकर आसान भाषा में हमने समझना चाहा कि बाज़ार कह क्या रहा है इसलिए फोन मिलाया अंशुमान तिवारी को. अंशुमान जी आर्थिक विषयों को बारीकी से समझते हैं.. समझाते हैं..  इंडिया टुडे हिंदी पत्रिका के एडिटर भी हैं.

 समलैंगिक विवाह को हिंदू मैरिज एक्ट के तहत मान्यता दिलाने के लिए एक जनहित याचिका दिल्ली हाईकोर्ट में दायर की गई है. अदालत में केंद्र सरकार ने कहा है कि समलैंगिक विवाह को हमारी कानून प्रणाली, समाज और मूल्य मान्यता नहीं देते. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि जब तक अदालत विभिन्न कानूनों पर बदलाव नहीं करती, तब तक ऐसा नहीं किया जा सकता है. उधर याचिका लगाने वाले पक्ष का कहना है कि साल 2018 से भारत में समलैंगिकता अपराध नहीं है फिर समलैंगिक शादी अपराध क्यों है? सुप्रीम कोर्ट ने 6 सितंबर, 2018 को समलैंगिकता को अवैध बताने वाली भारतीय दंड संहिता की धारा 377 को रद्द कर दिया था लेकिन उसमें समलैंगिक शादी का जिक्र नही था. कोर्ट में जो बातें सरकार की ओर से कही गईं उस पर LGBTQ  कम्युनिटी क्या कहती है. उनका रिएक्शन जानने के लिए हमने बात की आर बालाजी से जो LGBTQ कम्युनिटी से हैं. कॉर्पोरेट में काम कर चुके हैं. TED-X स्पीकर हैं और अभी मुंबई में सेलिब्रिटीज का PR देखते हैं. 

Advertisement


और ये भी जानिए कि 15 सितंबर की तारीख इतिहास के लिहाज़ से अहम क्यों है.. क्या घटनाएं इस दिन घटी थीं. अख़बारों का हाल भी पांच मिनटों में सुनिए और खुद को अप टू डेट कीजिए. इतना कुछ महज़ आधे घंटे के न्यूज़ पॉडकास्ट 'आज का दिन' में नितिन ठाकुर के साथ.  

'आज का दिन' सुनने के लिए यहां क्लिक करें

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement