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सोनिया के हाथ में फिर कांग्रेस की कमान, कोरोना केस 30 लाख के पार, सुनें 'आज का दिन'

लोग पूछ रहे हैं कि कांग्रेस में कल हुई बैठक के बाद बदला क्या है. इसका जवाब दे रहे हैं राजनीतिक विश्लेषक और सीनियर जर्नलिस्ट विजय त्रिवेदी.

सोनिया गांधी (फाइल फोटो-PTI) सोनिया गांधी (फाइल फोटो-PTI)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 25 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 9:59 AM IST

कल तक कांग्रेस की लीडरशिप को बदलने का शोर था. किसी ग़ैर गांधी नाम की तलाश चल रही थी. क़यास लगाए जा रहे थे कि सोनिया गांधी के हटने के बाद कौन इस पार्टी को संभालेगा लेकिन शाम होते होते शोर और क़यास दोनों थम गए. सोनिया गांधी ही पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष बनी रहेंगी. हां, इतना ज़रूर हुआ है कि कुछ संगठनात्मक बदलाव यानि organizational change होगा पर इसका अधिकार भी सोनिया के पास ही रहेगा. अब लोग पूछ रहे हैं कि कांग्रेस में कल हुई बैठक के बाद बदला क्या है. इसका जवाब दे रहे हैं राजनीतिक विश्लेषक और सीनियर जर्नलिस्ट विजय त्रिवेदी. 

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देश में कोरोना केस बीस से अब तीस लाख हो चुके हैं. भारत के अलावा दो ही देश हं जहां कोरोना संक्रमण के मामले तीस लाख हैं. एक अमेरिका, दूसरा ब्राज़ील. लेकिन फ़िक्र इस बात की ज़्यादा है कि भारत ने बीस लाख से तीस लाख का जो सफर पूरा किया वो बहुत तेज़ रहा. अंतिम दस लाख मरीज़ बढ़ने में दो हफ्ते से थोड़ा वक्त ही ज़्यादा लगा. वहीं अमेरिका में यही समय 28 दिन था, ब्राज़ील में 23 दिन. भारत ने इन दो के मुकाबले जो रफ्तार पकड़ रखी है उसकी वजह और अब आगे क्या उपाय करने होंगे ये समझा रहे हैं इंडिया टुडे की डेटा इंटेलिजेंस यूनिट के मेंबर दीपू राय.

इस वक्त भारत के संबंध चीन से ख़राब हैं, पाकिस्तान से ख़राब हैं, नेपाल से भी ख़ास अच्छे नहीं हैं. दूसरी तरफ चीन नेपाल, श्रीलंका के अलावा बांग्लादेश को भी वित्तीय मदद देकर पटाने में लगा है. अब सवाल ये है कि क्या अतीत के मधुर रिश्तों के बावजूद भारत की विदेश नीति के पास उतनी योग्यता है कि बांग्लादेश हमारा गहरा दोस्त बना रहे?  इसका जवाब तलाशेंगे और साथ ही जानेंगे कि चीन का बांग्लादेश में निवेश कितना है जिसके सहारे वो हमारे करीबी दोस्त को अपनी बगल में बैठाने को बेताब है. 

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हम लोगों में से कुछ ही खुशनसीब हैं जो अपनी इंटरनेट स्पीड से संतुष्ट हैं. हमें अभी जो स्पीड मिलती है वो चाहे कितनी तेज़ हो पर mbps में मिलती है. जैसे 50 mbps या 100 mbps . इसके अलावा जीबीपीएस स्पीड वाले इंटरनेट प्लान्स भी मौजूद हैं लेकिन लंदन के रिसर्चर्स ने जैसी स्पीड यूज़ की है वो आपने अब तक सोचा भी नहीं होगा. ये है 178 Tbps. युनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के रिसर्चर्स ने ऐसा करके नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है. 178Tbps यानि 1 लाख 78 हजार जीबीपीएस. ये अब दुनिया की सबसे ज़्यादा इंरनेट स्पीड है. इसे कैसे पाया गया ये बता रहे हैं आजतक के टेक संवाददाता मुंज़ीर अहमद.

इसके अलावा जानिए कि 25 अगस्त का दिन इतिहास में क्यों महत्वपूर्ण है.. क्या घटनाएं घटी थीं इस दिन. अख़बारों का हाल भी सुनाएंगे और ये सब महज़ आधे घंटे के भीतर. ‘आज का दिन’ सुनकर खुद को अपडेट कीजिए और सुबह की शानदार शुरूआत कीजिए. पेश कर रहे हैं नितिन ठाकुर. बस, नीचे दिया लिंक क्लिक कीजिए और सुनिए ‘आज का दिन’.
 

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