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सीधी बात में बोले नितिन गडकरी- कृषि कानून में खामियां तो बदलाव को तैयार

आजतक के खास कार्यक्रम 'सीधी बात' में चुनावी राज्यों में विकास कार्यों में अचानक तेजी आने को लेकर पूछे गए सवाल पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि इसमें गलत क्या है. चुनाव है वहां पर, इसलिए प्राथमिकता के आधार काम कर रहे हैं.

'सीधी बात' कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी 'सीधी बात' कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 06 मार्च 2021,
  • अपडेटेड 8:38 PM IST
  • सीधी बात में बोले- कोविड काल में 28 किमी सड़कें बनी
  • 'सरकार विकास के लिए मोनेटाइजेशन कर रही'
  • जो कहता हूं उसे 100 फीसदी पूरा करता हूंः गडकरी

आजतक के खास कार्यक्रम 'सीधी बात' में चुनावी राज्यों में विकास कार्यों में अचानक तेजी आने को लेकर पूछे गए सवाल पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि इसमें गलत क्या है. लोकतंत्र में हम साधु-संन्यासी हैं क्या. चुनाव है वहां पर, इसलिए प्राथमिकता के आधार काम कर रहे हैं.

'सीधी बात' कार्यक्रम में कई प्रोजेक्ट्स में देरी की वजह के बारे में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि दिल्ली सरकार की वजह से काफी प्रोजेक्टस में देरी हुई. सालभर के अंदर दिल्ली से जयपुर 3 घंटे के अंदर पहुंच जाएंगे. उन्होंने कहा कि जो कहता हूं उसे 100 फीसदी पूरा करता हूं. जब मैं मंत्री बना तो 203 प्रोजेक्ट्स बंद थे. मंत्री बनने के बाद कई प्रोजेक्टस शुरू किए.

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प्रभु चावला के साथ 'सीधी बात' कार्यक्रम में क्या मोदी सरकार चुनावी राज्यों में ही कर रही है विकास कार्य, इस पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि इसमें गलत क्या है. लोकतंत्र में हम साधु-संन्यासी हैं क्या. अगर अच्छा काम करेंगे तो चुनाव में जनता के पास जाते हुए उसे कैश करेंगे. हर दल चुनाव के समय ऐसा करती हैं. उन्होंने कहा, 'मैंने स्वीकार किया न कि चुनाव है वहां पर, इसलिए प्राथमिकता के आधार काम कर रहे हैं. क्या यह गलत है. किस नियम के विरुद्ध है.'

एनएचएआई की सड़कों पर गड्ढ़े नहीं पड़तेः गडकरी

'सीधी बात' कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि जब मैं महाराष्ट्र में मंत्री था तो अटल जी ने मुझे जिम्मेदारी दी थी कि गांवों को जोड़ने के लिए मेरी अध्यक्षता में कमिटी बनाई गई. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना यह मैंने बनाई है, बहुत बड़ी योजना थी. योजना पर चर्चा के दौरान अफसरों ने कहा कि पैसा कहां से लाएंगे तो मैंने अटल जी से कहा था कि आप 50 पैसे डीजल-पेट्रोल पर सेस लगा दीजिए और इस पैसे को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए दीजिए. बाद में इस परियोजना में बदलाव आता चला गया और मोदी सरकार के दौर में बदल गई.

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उन्होंने कहा कि एनएचएआई की सड़कों मेंटेनेंस पर 10 हजार करोड़ का खर्चा आएगा. एनएचएआई की सड़कों पर अब गड्ढ़े ही नहीं पड़ते. कभी आपने सुना कि एनएचएआई की सड़कों पर कोई गड्ढ़ा पड़ा है. चीजों को बेचे जाने को लेकर गडकरी ने कहा कि बेची नहीं जा रही है. सरकार विकास के लिए मोनेटाइजेशन कर रही है. हमारा मोनेटाइजेशन की पॉलिसी ऐसी है कि 90 हजार करोड़ की वैल्यू आज आएगी 65 हजार करोड़ तो जो हमें 65 हजार करोड़ देगा उसे हम एयरपोर्ट 30 साल के लिए देंगे. इस पैसे से हम देशभर में विकास के कई काम किए जाते हैं.

कोविड के समय में 28 किमी सड़कें बनीः गडकरी

पिछले साल एक भाषण में आपने कहा था कि 60 किलोमीटर सड़का का टॉरगेट रखना चाहता हूं, लेकिन अभी के आंकड़ों के अनुसार 20.1 किलोमीटर ही बन रहा है, इस पर 'सीधी बात' में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि ये टारगेट मैंने रखा था आज से 5 साल पहले. लेकिन मैं नहीं कर पाया. शायद मार्च अंत तक टॉरगेट पूरा करूंगा. उन्होंने यह भी कहा कि कोविड के समय में 28 किमी सड़कें बनी. 60 किमी का लक्ष्य नहीं रखा था.

कृषि कानूनों के बारे में क्या किसानों को समझाने में विफल रही है सरकार, इस पर नितिन गडकरी ने कहा कि हमने किसानों के लिए जो तीनों कानून बनाए हैं वो अच्छे हैं.  उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों में किसानों को विकल्प दिए गए हैं. किसानों को फसल तय करने का अधिकार है. हम कहते हैं कि कोई खामी बताए तो हम कानून बदलने को तैयार हैं.

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गुरुग्राम से जयपुर जाने में आज से 8 साल पहले ढाई घंटे लगते थे लेकिन 8 साल बाद साढ़े 4 से साढ़े 5 घंटे लगते हैं, जबकि इस दौरान हजारों करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए तो इस पर 'सीधी बात' में नितिन गडकरी ने कहा कि अधिकतम 1 साल के अंदर आप दिल्ली से जयपुर 3 घंटे में पहुंच जाएंगे.

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