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फारूक पर सिंघवी का ट्वीट- चीन सरहद पर नापाक इरादों से तैनात, बयान निंदनीय और गैर-जिम्मेदाराना

फारूक अब्दुल्ला द्वारा चीन पर दिए गए बयान पर काफी विवाद हुआ. भारतीय जनता पार्टी ने इसपर सवाल खड़े किए गए तो अब कांग्रेस ने भी टिप्पणी की है.

कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने किया ट्वीट कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने किया ट्वीट
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 13 अक्टूबर 2020,
  • अपडेटेड 2:41 PM IST
  • चीन को लेकर फारूक के बयान पर विवाद
  • कांग्रेस नेता सिंघवी ने ट्वीट कर की निंदा

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला के चीन को लेकर दिए गए बयान पर विवाद अभी भी जारी है. भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दे पर हमलावर है और लगातार निशाना साध रही है. इस बीच अब कांग्रेस की ओर से भी इस बयान की निंदा की गई है. कांग्रेस नेता और वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने फारूक के बयान को गैर-जिम्मेदाराना करार दिया है. 

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पूर्व केंद्रीय मंत्री अभिषेक मनु सिंघवी ने ट्वीट कर लिखा कि राजनीतिक विचारधारा, मतभेद और मनभेद अपनी जगह हैं, लेकिन उस वक्त जब चीन हमारी सरहदों पर नापाक इरादों से तैनात है और तब फारूक अब्दुल्ला का चीन के पक्ष में बयान ना सिर्फ गैर-जिम्मेदाराना है बल्कि निंदनीय भी है. 

राजनीतिक विचारधारा,मतभेद,मनभेद सब अपनी जगह हैं लेकिन उस वक्त जब चीन हमारी सरहदों पर नापाक इरादों के साथ तैनात है,तब #FarooqAbdullah का चीन के पक्ष में बयान न केवल बेहद गैर जिम्मेदाराना है बल्कि निंदनीय भी |

— Abhishek Singhvi (@DrAMSinghvi) October 13, 2020

आपको बता दें कि बीते दिनों फारूक अब्दुल्ला ने बयान दिया था, ‘उन्हें उम्मीद है कि चीन के समर्थन से जम्मू-कश्मीर में फिर से अनुच्छेद 370 को लागू किया जाएगा. अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35 ए को दोबारा लागू करवाने और जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा दिलवाने के लिए वो प्रतिबद्ध हैं.’ 

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इस बयान को लेकर काफी बखेड़ा खड़ा हुआ और भारतीय जनता पार्टी की ओर से तीखा वार किया गया. बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए फारूक अब्दुल्ला पर निशाना साधा गया. बीजेपी नेता ने कहा कि फारूक चीन की मानसिकता को सही ठहरा रहे हैं. फारूक अब्दुल्ला ने पहली बार ऐसा नहीं कहा है. उन्होंने पहले भी कई बार इस तरह के बयान दिए हैं.

संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि एक तरह से फारूक अब्दुल्ला, अपने इंटरव्यू में चीन की विस्तारवादी मानसिकता को न्यायोचित ठहराते हैं. वहीं दूसरी ओर एक देशद्रोही कमेंट करते हैं कि भविष्य में हमें अगर मौका मिला तो हम चीन के साथ मिलकर अनुच्छेद 370 वापस लाएंगे. बीजेपी की ओर से फारूक अब्दुल्ला के बहाने कांग्रेस पर भी निशाना साधा गया था. 


 

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