
ओडिशा पुलिस ने हनुमान जयंती के दौरान संबलपुर में हुई हिंसा में शामिल होने के आरोप में 79 लोगों को गिरफ्तार किया है. इसके साथ ही इलाके में अभी भी इंटरनेट बंद है. साथ ही इलाके में कर्फ्यू लगा हुआ है. संबलपुर के एसपी बी गंगाधर ने कहा कि शनिवार तड़के शहर में कर्फ्यू के आदेश के बाद से किसी अप्रिय घटना की कोई खबर नहीं है. पुलिस ने कहा कि कई आरोपी अभी भी फरार हैं.
एसपी गंगाधर ने कहा कि 12 अप्रैल को बाइक रैली के दौरान पथराव की घटना के सिलसिले में 26 लोगों को गिरफ्तार किया गया था, वहीं 14 अप्रैल को जुलूस के दौरान हिंसा और आगजनी के आरोप में 53 लोगों को हिरासत में लिया गया है. उन्होंने कहा कि अब तक हुई जांच के आधार पर यह एक पूर्व नियोजित हिंसा लग रही है. उन्होंने कहा कि इस मामले में भी और भी गिरफ्तारियां की जाएंगी.
एसपी ने कहा कि राज्य सरकार ने संबलपुर जिले में 17 अप्रैल की सुबह 10 बजे तक इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं. ओडिशा के डीजीपी सुनील के बंसल ने कहा कि हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. साथ ही उम्मीद जताई कि एक या दो दिन में स्थिति सामान्य हो जाएगी.
हिंसा के दौरान एक अस्थायी दुकान और कई दोपहिया वाहनों में आग लगा दी गई थी, जबकि हिंसा के दौरान कई कारों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया. लगभग 1000 लोगों द्वारा मोटरसाइकिल रैली में भाग लिया गया था और इस दौरान रैली पर कथित तौर पर पत्थर फेंके जाने के बाद हिंसा शुरू हो गई. शहर के संवेदनशील कहे जाने वाले मोतीझरन इलाके में पथराव हो गया.
अतिरिक्त एसपी तपन के मोहंती ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि घटना में 10 से अधिक पुलिस कर्मी घायल हुए हैं. उन्होंने बताया कि शहर में संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त बल की तैनाती की गई है. घायलों में एक महिला सिपाही भी शामिल है. यह पूछे जाने पर कि क्या पुलिस बल के अलावा बाहर से भी कोई व्यक्ति घायल हुआ है? मोहंती ने कहा कि जांच चल रही है और अभी और कुछ नहीं बताया जा सकता है. उन्होंने कहा कि संबलपुर शहर के सभी छह थाना क्षेत्रों में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है.
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