
संसद के दोनों सदनों में हंगामा जारी है. बजट सत्र के दूसरे चरण में आठवें दिन भी हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित हुई. लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई और हंगामे के कारण पहले दोपहर दो और फिर शाम छह बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी. वहीं, राज्यसभा की कार्यवाही पहले दोपहर दो बजे और फिर 24 मार्च की सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.
संसद के दोनों सदनों में राहुल गांधी के लंदन वाले बयान और अडानी मुद्दे की जेपीसी जांच की मांग को लेकर हंगामा हुआ. सत्तापक्ष जहां राहुल गांधी के लंदन वाले बयान को लेकर हमलावर है तो वहीं अडानी मुद्दे की जेपीसी जांच की मांग पर अड़ा विपक्ष भी पक्ष से दो-दो हाथ करने के लिए तैयार नजर आ रहा है. लोकसभा में सत्तापक्ष की ओर से राहुल गांधी माफी मांगो के नारों का जवाब विपक्ष ने राहुलजी को बोलने दो के नारों से दिया.
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को तो एकबार विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी को टोकना पड़ गया. अधीर की बात पर ओम बिरला भड़क गए और कहा कि अधीरजी आप कैसे फैसला कर सकते हैं कि मैं नहीं बोलने दूंगा. स्पीकर ने कहा कि हर सदस्य को बोलने का अधिकार है. सभी को नियम और प्रक्रिया के मुताबिक बोलने का मौका दिया जाएगा.
संसद के गेट नंबर एक पर विपक्ष का प्रदर्शन
सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद विपक्षी सांसद संसद के गेट नंबर एक पर आ गए. विपक्षी सांसदों ने संसद भवन के गेट नंबर एक पर और संसद भवन के बाहर अडानी मुद्दे की जेपीसी जांच कराने की मांग को लेकर तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया. विपक्षी सांसदों ने अडानी मुद्दे को लेकर नारेबाजी की और सरकार पर हमला भी बोला.
ED दफ्तर पहुंचे टीएमसी सांसद
पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) गुरुवार को अडानी मुद्दे पर सरकार से आर-पार के मूड में नजर आ रही कांग्रेस से भी दो कदम आगे नजर आई. टीएमसी के सांसद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दफ्तर तक पहुंच गए. टीएमसी सांसदों ने ईडी दफ्तर पहुंचकर गौतम अडानी को गिरफ्तार करने की मांग की. टीएमसी ने साफ कहा है कि भ्रष्टाचारी लोगों के खिलाफ न्याय और जवाबदेही की इस लड़ाई में हम अपने कदम पीछे नहीं खीचेंगे.
नहीं चल सकी राज्यसभा
हंगामे के कारण संसद के दोनों सदनों में कार्यवाही के दौरान व्यवधान उत्पन्न हुआ. लोकसभा की कार्यवाही जहां दोपहर दो बजे तक और फिर शाम छह बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई. वहीं राज्यसभा की कार्यवाही पहले दोपहर दो बजे और फिर 24 मार्च की सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.