Advertisement

'बुआ का बगीचा, बाप का तेल...', आदिपुरुष पर क्यों कुपित हैं अयोध्या-काशी के संत?

आदिपुरुष फिल्म इन दिनों हर तरफ चर्चा में है. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही है. लेकिन फिल्म का देशभर में विरोध भी हो रहा है. फिल्म पर बैन लगाने की भी मांग उठ रही है. रामायण पर बेस्ड इस फिल्म के डायरेक्टर ओम राउत हैं. प्रभास, कृति सेनन और सैफ अली खान स्टारर फिल्म ने शुक्रवार को इंडिया में ही 100 करोड़ रुपये से ज्यादा कमाकर एक नया रिकॉर्ड बनाया. फिल्म ने दो दिन में 240 करोड़ रुपये की कमाई की है. 

आदिपुरुष पर शहर शहर बवाल आदिपुरुष पर शहर शहर बवाल
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 19 जून 2023,
  • अपडेटेड 12:33 PM IST

फिल्म आदिपुरुष की एक तरफ ताबड़तोड़ कमाई जारी है, तो दूसरी ओर फिल्म को लेकर विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है. आदिपुरुष में दिखाए गए संवादों को लेकर लोगों को आपत्ति है. अयोध्या, वाराणसी से लेकर हरिद्वार तक में तमाम हिंदू संगठन फिल्म का विरोध कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ समेत तमाम राज्यों में फिल्म पर बैन की मांग हो रही है. कुछ हिंदू संगठनों ने फिल्म पर बैन की मांग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया है. लखनऊ में फिल्म की स्टारकास्ट, डायलॉग राइटर, डायरेक्टर, प्रोड्यूसर के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग भी की गई है. लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शन के बाद फिल्म के निर्माताओं ने तय किया है कि वो विवादित संवादों को फिल्म से हटाया जाएगा और ये हफ्ते भर के भीतर होगा, मगर फिल्म को लेकर लोगो का गुस्सा थम नहीं रहा है.

Advertisement

किन-किन डायलॉग्स पर आपत्ति? 

1- हनुमान जब लंका में जाते हैं, तो एक राक्षस उन्हें देख लेता है और पूछता है, ''ये लंका क्या तेरी बुआ का बगीचा है, जो हवा खाने चला आया.''
2- सीता से मिलने के बाद हनुमान को जब लंका में राक्षस पकड़ लेते हैं, तो मेघनाथ उनकी पूंछ में आग लगाने के बाद पूछता है, जली. इसके जवाब में हनुमान कहते हैं, ''तेल तेरे बाप का. कपड़ा तेरे बाप का. और जलेगी भी तेरे बाप की."
3- जब हनुमान लंका से लौटकर आते हैं और राम उनसे पूछते हैं कि क्या हुआ? इसके जवाब में हनुमान कहते हैं- बोल दिया, जो हमारी बहनों को हाथ लगाएंगे, उनकी लंका लगा देंगे.
4- लक्ष्मण पर वार करते हुए इन्द्रजीत एक जगह कहता है, ''मेरे एक सपोले ने तुम्हारे इस शेष नाग को लंबा कर दिया. अभी तो पूरा पिटारा भरा पड़ा है.'' इसके अलावा भी दर्शकों ने कुछ संवादों और भगवान राम, सीता, हनुमान और रावण की वेशभूषा पर भी आपत्ति जताई है. 
 

Advertisement

वाराणसी से हरिद्वार तक विरोध प्रदर्शन

फिल्म आदिपुरुष का वाराणसी से हरिद्वार तक जमकर विरोध हो रहा है. अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा, आदि पुरुष के डायलॉग्स का लेखन जिस प्रकार से हुआ, वह संतों को पच नहीं रहा है मनोज वास्तव में मुंतशिर ही था, जिसने शुक्ला बनने की कोशिश की. सनातन धर्म में साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ करना अक्षम अपराध है. उधर, वाराणसी में तमाम प्रदर्शनकारियों ने आदिपुरुष के खिलाफ मल्टीप्लेक्स पर पहुंचकर प्रदर्शन किया. इस दौरान फिल्म के पोस्टर फाड़े गए. हनुमान ध्वज भी फहराया गया. प्रदर्शनकारियों ने फिल्म को बैन करने की मांग की. 

- लखनऊ में फिल्म आदिपुरुष को लेकर अखिल भारत हिंदू महासभा ने हजरतगंज कोतवाली में तहरीर दी.  हिंदू महासभा का कहना है कि आदिपुरुष फिल्म में सनातन धर्म का अपमान किया गया. भगवान राम हनुमान जी और सीता माता का गलत चित्रण और गलत डायलॉग दिखा कर अपमानित किया गया. आज के बच्चों के मन मस्तिष्क में हमारे भगवान के प्रति ऐसी ही छवि बनाने की कोशिश की गई है.  अखिल भारत हिंदू महासभा ने आदिपुरुष फिल्म की स्टारकास्ट, डायलॉग राइटर, डायरेक्टर, प्रोड्यूसर के खिलाफ शिकायत की. महासभा की मांग है कि जब नेपाल में फिल्म को बैन किया जा सकता है, तो यूपी में भी सरकार को इस पर बैन लगाना चाहिए. 

- हरिद्वार में भी आदिपुरुष को लेकर संत समाज जमकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. हरिद्वार के साधु-संतों ने फिल्म को हिंदू धर्म के खिलाफ एक षड्यंत्र बताते हुए लोगों से इस फिल्म को ना देखने की अपील की है.  साधु संतों का कहना है कि इस फिल्म पर सरकार द्वारा तत्काल बैन लगाया जाना चाहिए. फिल्म के विरोध में हरिद्वार का अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद, शंकराचार्य परिषद, महामंडलेश्वर, जूना अखाड़ा और बड़ा अखाड़ा फिल्म का खुलकर विरोध कर रहे हैं. 
 

Advertisement

- अयोध्या में भी संत समाज में फिल्म को लेकर खासी नाराजगी है. संतों ने इस फिल्म पर तत्काल बैन लगाने की मांग की है. संतों का कहना है कि यदि हिंदू देवी- देवताओं का अपमान ऐसे ही होता रहा तो हमें मजबूर होकर सड़कों पर उतरना होगा. 

बीजेपी सांसद भी खुलकर आए विरोध में

बीजेपी सांसद हरनाथ सिंह यादव ने फिल्म पर बैन लगाने की मांग की. उन्होंने कहा, सोची समझी रणनीति के तहत हमारे हिंदुत्व के प्रति आस्था, श्रद्धा के केंद्र पर चोट करने की कोशिश की जा रही है. भारतीय सिनेमा में कैसा वर्ग है, जो ऐसी फिल्में बनाता है?  फिल्म आदिपुरुष में जिस तरह से भगवान राम और मां  सीता,  हनुमान जी की वेशभूषा और संवाद दिखाया गया है वो बेहद आपत्तिजनक है. उन्होंने कहा, देश में सेंसर बोर्ड की क्या भूमिका है? इस बात की जांच होनी चाहिए कि वो ऐसी फ़िल्मों को हरी झंडी कैसे दे देता है?

छत्तीसगढ़ में फिल्म पर लगे बैन- केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह 

- उधर, केंद्रीय जनजातीय मामलों की राज्य मंत्री रेणुका सिंह ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से राज्य में आदिपुरुष फिल्म पर बैन लगाने की मांग की है. छत्तीसगढ़ के सरगुजा से लोकसभा सांसद रेणुका सिंह ने दावा किया कि फिल्म में जिस तरह से भगवान राम, माता जानकी और हनुमान के चरित्रों को चित्रित किया गया है और जिस तरह से कुछ पात्र संवाद बोलते दिख रहे हैं, उससे करोड़ों लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं. 

Advertisement

दिल्ली के बीजेपी प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर से अपील करते हुए कहा कि फिल्म के "विवादास्पद दृश्यों और संवादों" की फिर से जांच की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि फिल्म 'आदिपुरुष' का हर जगह विरोध हो रहा है. इसलिए अपील है कि इसके विवादास्पद दृश्यों और संवादों की फिर से जांच की जाए. सेंसर बोर्ड को इसके सेंसर सर्टिफिकेट को अस्थायी रूप से निलंबित कर देना चाहिए और इसकी दोबारा समीक्षा होने तक इसके प्रदर्शन पर रोक लगा देनी चाहिए. 

महाराष्ट्र के पालघर में फिल्म का विरोध करते प्रदर्शनकारी

 

राजनीतिक पार्टियां भी उतरीं फिल्म के विरोध में

- आप, कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव गुट)  समेत कई राजनीतिक दलों ने आदिपुरुष पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाते हुए फिल्म की आलोचना की है. कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने फिल्म में इस्तेमाल की गई भाषा को 'टपोरी' बताया और कहा कि इससे लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं. 

उन्होंने कहा, भगवान हनुमान सौम्यता और गंभीरता के प्रतीक हैं. 1987 में जब श्री रामानंद सागर ने रामायण धारावाहिक बनाया था, तब तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने कहा था कि 'रामायण' ने करोड़ों दर्शकों के दिलो-दिमाग को प्रज्वलित किया है. भारत की महान संस्कृति, परंपरा और नैतिक मूल्यों का संचार किया. उस रामायण के रचयिता रामानंद सागर थे, जिन्होंने टपोरी भाषा से करोड़ों लोगों की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाई, बल्कि सिया राम की मधुर, कोमल और मनमोहक छवि समाज के दिलो-दिमाग में छाप दी. उन्होंने कहा, धर्म और धर्म के व्यवसाय के बीच अंतर है. 

Advertisement

- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि यह फिल्म भगवान राम और भगवान हनुमान की छवि खराब करने का प्रयास है. जब उनसे पूछा गया कि क्या राज्य सरकार इस फिल्म पर प्रतिबंध लगाएगी. इस पर उन्होंने जवाब दिया कि अगर लोग इस दिशा में मांग उठाएंगे तो सरकार बैन पर विचार करेगी. 

 

- शिवसेना प्रवक्ता सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि लेखक मुंतशिर के साथ-साथ फिल्म के निर्देशक राउत को हनुमान के संवादों के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए. उन्होंने ट्वीट कर कहा, मनोरंजन के नाम पर हमारे पूज्य देवताओं के लिए जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा, उससे हर भारतीय की संवेदनाएं आहत हुई हैं. आप 'मर्यादा पुरुषोत्तम' राम पर एक फिल्म बनाते हैं और बॉक्स ऑफिस पर त्वरित सफलता के लिए मर्यादा (गरिमा) की सभी सीमाओं को पार करते हैं, यह अस्वीकार्य है. 

AAP राज्यसभा सांसद और प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा कि फिल्म भगवान राम, देवी सीता और भगवान हनुमान के साथ-साथ हिंदू समाज का गंभीर अपमान है. उन्होंने भाजपा पर फिल्म को बनाने की अनुमति देने का आरोप लगाया. संजय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा को इस तरह की फिल्म बनाने और प्रदर्शन की अनुमति देने के लिए माफी मांगनी चाहिए .

Advertisement

विवाद पर क्या बोले राइटर मनोज मुंतशिर

आदिपुरुष फिल्म के डायलॉग्स को लेकर सोशल मीडिया पर काफी विरोध देखने के बाद मेकर्स ने इन्हें बदलने का फैसला किया है. फिल्म के राइटर मनोज मुंतशिर ने आजतक से बातचीत में विवाद पर अपना पक्ष रखा. मनोज मुंतशिर ने कहा, 'फिल्म का लक्ष्य सनातन की कथा को, भगवान श्रीराम की जो एपिक स्टोरी है, ये बच्चों तक पहुंचाना है. ये फिल्म वही कर रही है, जो इसे करना था. बच्चे अपने असली नायकों को जानें. हम ऐसे दौर में हैं जहां एक्सपोजर बहुत ज्यादा है. बच्चों के दिलों-दिमाग पर हॉलीवुड के कैरेटर रूल करते रहते हैं. बच्चे हल्क और सुपरमैन को जानते हैं लेकिन हनुमान और अंगद को नहीं जानते. हमारी कोशिश थी कि जो हमारे किरदार हैं, वो बच्चों तक भी पहुंचें. जो युवा वर्ग है वो भी इस फिल्म को देखें.'

डायलॉग्स में होगा बदलाव 

मनोज मुंतशिर ने कहा,  उन्होंने फिल्म के डायलॉग को इस अंदाज में इसलिए लिखा था ताकि बच्चे इससे कनेक्ट कर पाएं, समझ पाएं.  मनोज ने कहा, 'फिल्म में सिर्फ 5 डायलॉग हैं. एक फिल्म 4000 हजार डायलॉग से मिलकर बनती है. अगर 5 डायलॉग को पसंद नहीं किया गया तो 3995 डायलॉग को पसंद भी किया गया है. 4000 में से 5 बदलने से कुछ नहीं होगा. जो आपत्तिजनक शब्द हैं, जिनसे जनता को दिक्कत है हम बस उन्हें बदल देंगे.

Advertisement

आदिपुरुष ने दो दिन में कमाए 240 करोड़

आदिपुरुष फिल्म इन दिनों हर तरफ चर्चा में है. रामायण पर बेस्ड इस फिल्म के डायरेक्टर ओम राउत है. प्रभास, कृति सेनन और सैफ अली खान स्टारर फिल्म ने शुक्रवार को इंडिया में ही 100 करोड़ रुपये से ज्यादा कमाकर एक नया रिकॉर्ड बनाया. फिल्म ने दो दिन में 240 करोड़ रुपये की कमाई की है. 


 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement