
शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने गुरुवार को कहा कि उनकी पार्टी मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने के किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं करेगी. उन्होंने सहयोगी कांग्रेस से देश की वित्तीय राजधानी को केंद्र शासित प्रदेश घोषित करने की मांग करने वाले अपने कर्नाटक विधायक को फटकार लगाने को कहा.
मुंबई को अपनी 'मातृभूमि' बताते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा कि इसे पाने के लिए 'मराठी माणूस' ने अपना खून बहाया है. आदित्य कर्नाटक कांग्रेस के विधायक लक्ष्मण सावदी के बयान का जिक्र कर रहे थे जिन्होंने कहा था कि अगर महाराष्ट्र में नेता बेलगावी को केंद्र शासित प्रदेश बनाने की मांग कर रहे हैं, तो मुंबई को भी केंद्र शासित प्रदेश बनाया जाना चाहिए.
'मुंबई को केंद्र शासित प्रदेश बनाने की मांग निंदनीय'
महाराष्ट्र और उसके पड़ोसी राज्य कर्नाटक के बीच बेलगावी के नियंत्रण को लेकर दशकों से विवाद चल रहा है. बेलगावी कर्नाटक का एक सीमावर्ती शहर है, जिसे पहले बेलगाम के नाम से जाना जाता था. यहां बड़ी संख्या में मराठी भाषी रहते हैं.
मुंबई के वर्ली से विधायक आदित्य ठाकरे ने कहा, 'मुंबई को केंद्र शासित प्रदेश बनाने की मांग निंदनीय है. चाहे कांग्रेस हो या बीजेपी, शिवसेना (यूबीटी) मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने की किसी भी कोशिश को कभी बर्दाश्त नहीं करेगी. मुंबई हमारी मातृभूमि है. मराठी माणूस ने अपना खून बहाकर इसे हासिल किया है, मुंबई हमें किसी ने दी नहीं है.'
'अपने विधायकों को फटकार लगाए कांग्रेस'
उन्होंने कहा, 'कांग्रेस नेतृत्व को अपने विधायकों को फटकार लगानी चाहिए.' शिवसेना (यूबीटी) महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी (एमवीए) का हिस्सा है, जिसमें कांग्रेस और एनसीपी (एसपी) भी शामिल हैं. ये तीनों पार्टियां कई अन्य पार्टियों के साथ राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी इंडिया ब्लॉक का हिस्सा हैं.