
गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को नई दिल्ली में आजतक के कार्यक्रम एजेंडा आजतक में शिरकत की. लोकसभा चुनाव के बाद अमित शाह का यह पहला इंटरव्यू है. 'शाह है तो संभव है' सेशन में अमित शाह ने विपक्ष के संविधान बदलने वाले आरोप से लेकर वन नेशन, वन इलेक्शन और नक्सलवाद की समस्या तक, हर सवाल का अपने अंदाज में जवाब दिया. अमित शाह ने एससी-एसटी और ओबीसी आरक्षण को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला और दो टूक कहा कि जब तक संसद में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का एक भी सांसद है, हम धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं होने देंगे.
उन्होंने कहा कि ये कहते थे कि आप संविधान बदल देंगे. कांग्रेस के नेता आज भी बोले कि आपकी सीटें 240 आईं वरना आप बदल देते. अमित शाह ने कहा कि उनको नहीं मालूम है कि 10 साल तक हमने दो तिहाई बहुमत के साथ एनडीए की सरकार चलाई. हमने आरक्षण को नहीं छुआ है. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी ने मुस्लिम आरक्षण देकर एससी-एसटी और ओबीसी आरक्षण को कम करने का कार्य किया है. हमने नहीं किया है. आज फिर आजतक के इस इवेंट में दोहराना चाहता हूं कि जब तक बीजेपी का एक भी सांसद सदन में है, हम न धर्म के आधार पर आरक्षण आने देंगे और ना एससी-एसटी, ओबीसी के कोटा में कटौती होने देंगे.
अमित शाह ने ईवीएम पर सवाल उठाने के लिए भी विपक्ष की आलोचना की. उन्होंने झारखंड चुनाव तक का उदाहरण देकर कहा कि जब ये जीते तो ईवीएम ठीक थी. अमित शाह ने कहा कि चुनाव आयोग ने सार्वजनिक विज्ञापन देकर कहा कि ईवीएम हैक हो सकता है, ये ईवीएम पड़ी है. कोई भी एक्सपेरिमेंट करके बता दो. ये सारी घमंडिया गठबंधन की पार्टियां विरोध करती हैं, कोई नहीं गया. इनका कल्चर है कि आरोप लगाओ और भाग जाओ, भ्रांति खड़ी करो. अमित शाह ने दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने के बीजेपी के पुराने वादे के सवाल पर कहा कि पिछले तीन चुनाव के लिए मैनिफेस्टो तो हमने ही बनाए हैं. उसमें ये बात नहीं थी.