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एअर इंडिया के विमान में सहयात्री पर पेशाब करने की घटना में नया मोड़ आया है. इस मामले में आरोपी शंकर मिश्रा ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाकर कहा है कि मेरी बेकसूरी का सबूत एअर इंडिया के पास है. दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले मे आरोपी शंकर मिश्रा की याचिका पर नोटिस जारी किया है.
एअर इंडिया के विमान में सहयात्री पर पेशाब करने के आरोपी शंकर मिश्रा ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा है कि उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होने से पहले ही एअर इंडिया के पास उनकी बेगुनाही साबित करने के लिए दस्तावेज थे. उन दस्तावेजों की मांग करते हुए उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है.
'मेरी बेगुनाही के दस्तावेज छिपा दिए हैं'
मिश्रा ने अपनी याचिका में कहा है कि वो दस्तावेज अब तक उन्हें नहीं दिए गए हैं जो उनकी बेगुनाही साबित करेंगे. एअर इंडिया ने उनकी बेगुनाही साबित करने वाले दस्तावेज छिपा दिए हैं. उनको मीडिया के जरिए उन दस्तावेजों के बारे में जानकारी मिली है.
'नशे में नहीं थे...'
मिश्रा के मुताबिक, एअर इंडिया और केबिन सुपरवाइजर के बीच नवंबर में हुए ईमेल में कहा गया है कि वह नशे में नहीं थे. वह पूरे समय शांत थे.
'एअर इंडिया को पता था कि मैं निर्दोष हूं'
मिश्रा का कहना है कि जून और जुलाई में मीडिया के सूत्रों के जरिए उस विमान के पायलटों, चालक दल और एअर इंडिया के बीच हुए कुछ पत्राचार और दस्तावेजों में उनको लेकर चौंकाने वाली जानकारी थी. उनमें स्पष्ट रूप से बताया गया था कि उस मामले मे वह निर्दोष थे. इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि एअर इंडिया को उनको कारण बताओ नोटिस देने से बहुत पहले ही पता था कि याचिकाकर्ता निर्दोष है.
'अपीलीय समिति में मामला पेंडिंग'
बता दें कि फिलहाल यह मामला अपीलीय समिति के समक्ष लंबित है. मिश्रा ने अपीलीय समिति के द्वारा उन्हें संबंधित दस्तावेजों को देने का निर्देश देने में विफल रहने के आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है.