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भारतीय चुनाव में अमेरिकी फंडिंग के आरोप, पूर्व चुनाव आयुक्त बोले- ऐसा कभी नहीं हुआ

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एस वाई कुरैशी ने रविवार को उस रिपोर्ट को खारिज किया जिसमें कहा गया था कि उनके कार्यकाल के दौरान भारत में मतदाता भागीदारी बढ़ाने के लिए एक अमेरिकी एजेंसी द्वारा वित्तीय मदद दी गई थी.

पूर्व चुनाव आयुक्त एस वाई कुरैशी (फाइल फोटो) पूर्व चुनाव आयुक्त एस वाई कुरैशी (फाइल फोटो)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 16 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 9:34 PM IST

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एस वाई कुरैशी ने रविवार को उस रिपोर्ट को खारिज किया जिसमें कहा गया था कि उनके कार्यकाल के दौरान भारत में मतदाता भागीदारी बढ़ाने के लिए एक अमेरिकी एजेंसी द्वारा वित्तीय मदद दी गई थी. यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब यूएस डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (DOGE) ने शनिवार को एक पोस्ट में घोषणा की कि वह अपनी कई योजनाओं को रद्द कर रहा है, जिनमें "भारत में मतदाता भागीदारी" के लिए 21 मिलियन डॉलर का खर्च भी शामिल था. बता दें कि अमेरिका की DOGE का नेतृत्व एलन मस्क कर रहे हैं. 

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पूर्व चुनाव आयुक्त ने क्या कहा

कुरैशी ने कहा कि 2012 में उनके कार्यकाल के दौरान चुनाव आयोग और इंटरनेशनल फाउंडेशन फॉर इलेक्ट्रोरल सिस्टम्स (IFES) के बीच एक एमओयू हुआ था, लेकिन इसमें कोई भी वित्तीय सहायता या फंडिंग का वादा नहीं था. यह एमओयू केवल प्रशिक्षण के लिए था.

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एमओयू में यह स्पष्ट रूप से कहा गया था कि दोनों पक्षों पर किसी भी प्रकार की वित्तीय या कानूनी जिम्मेदारी नहीं होगी और इसमें किसी भी फंडिंग का कोई जिक्र नहीं है. 

अब जानिए क्या है पूरा मामला

दरअसल, एलन मस्क के DOGE ने रविवार को घोषणा की कि अमेरिका ने भारत में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए बनाए गए 21 मिलियन डॉलर के कार्यक्रम में कटौती करने का फैसला किया है.

गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप ने सरकारी खर्चे में कटौती के लिए एक नया विभाग बनाया है. DOGE नाम का ये विभाग चुन चुनकर अमेरिकी सरकार के खर्चे में कटौती कर रहा है. ट्रंप ने टेस्ला के मालिक एलन मस्क को इस विभाग का प्रमुख नियुक्त किया है. एलन मस्क बेहद गंभीरता के साथ दुनिया भर में होने वाले एक एक अमेरिकी खर्चे को चेक कर रहे हैं. और उस पर अपनी सरकार की नीतियों के अनुसार फैसला ले रहे हैं.

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यह भी पढ़ें: US ने रोक दी भारत को मिलने वाली 1.82 अरब की मदद, DOGE में एक-एक अमेरिकी खर्चे को चेक कर रहे हैं मस्क

बीजेपी ने क्या कहा

भाजपा के अमित मालवीय ने घोषणा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भारत में मतदाताओं की भादीगारी बढ़ाने के लिए 21 मिलियन डॉलर. यह निश्चित रूप से भारत की चुनावी प्रक्रिया में बाहरी हस्तक्षेप है. इससे किसे लाभ होगा? निश्चित रूप से सत्तारूढ़ पार्टी को नहीं!" बता दें कि हाल ही में, डोनाल्ड ट्रम्प ने सरकारी बचत में कई अरब डॉलर की राशि खोजने का श्रेय DOGE को दिया. 11 फरवरी को पत्रकारों से बात करते हुए, ट्रम्प ने कहा, "हम कई अरब डॉलर की राशि के बारे में बात कर रहे हैं जो हम पहले ही खोज चुके हैं. लेकिन आप शायद 500 अरब डॉलर की बात कर रहे हैं, आप जिस संख्या की बात कर रहे हैं, वह निश्चित रूप से बहुत ज्यादा है.

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