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अमरनाथ हादसा: लापता 40 लोगों की तलाश में जुटी सेना, एक बार फिर इलाके में बारिश

पवित्र अमरनाथ गुफा इलाका, बालटाल और पंजतरणी समेत अन्य जगहों पर बारिश होना शुरू हो गई है. बता दें कि अमरनाथ यात्रा पहले ही शुक्रवार शाम को स्थगित कर दी गई थी.

सेना के जवान बचाव और राहत कार्य में जुटे हुए हैं. सेना के जवान बचाव और राहत कार्य में जुटे हुए हैं.
अशरफ वानी
  • श्रीनगर,
  • 10 जुलाई 2022,
  • अपडेटेड 3:20 PM IST
  • दो दिन पहले बादल फटने से 16 लोगों की मौत हुई थी
  • घटना में 105 लोग हुए हैं घायल, अस्पताल में चल रहा इलाज

दो दिन पहले अमरनाथ गुफा के पास अचानक बादल फटने से बाढ़ आने से 16 लोगों की मौत हो गई थी. कई लोग लापता हो गए थे. इस घटना के बाद अमरनाथ यात्रा फिलहाल रोक दी गई है. रविवार को एक बार फिर इस इलाके में बारिश शुरू हो गई है. वहीं, सेना की तरफ से लापता 40 लोगों की तलाश में अभियान चलाया जा रहा है. 

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जानकारी के मुताबिक, पवित्र अमरनाथ गुफा इलाका, बालटाल और पंजतरणी समेत अन्य जगहों पर बारिश होना शुरू हो गई है. बता दें कि अमरनाथ यात्रा पहले ही शुक्रवार शाम को स्थगित कर दी गई थी. इसके अलावा, बादल फटने की घटना के बाद लापता लोगों की लगातार तलाश की जा रही है.

15 हजार तीर्थयात्रियों को निकाला गया

बादल फटने की घटना में घायलों की संख्या 105 हो गई है.  लापता 40 लोगों के लिए बचाव अभियान जारी है. सेना ने बचाव कार्यों के लिए 4 MI 17 हेलीकॉप्टरों और 4 चेतक हेलीकॉप्टरों को लगाया है. भारतीय वायु सेना के जवान लगातार तलाश में जुटे हैं. डीजी एनडीआरएफ ने भी रविवार को इलाके का दौरा किया. यहां विभिन्न स्थानों पर फंसे 15000 हजारों तीर्थयात्रियों को निकाला गया और सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है.

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बचाव अभियान समाप्त होने तक अमरनाथ यात्रा स्थगित

शनिवार शाम एलजी मनोज सिन्हा ने अमरनाथ यात्रा में शामिल विभिन्न एजेंसियों के साथ श्रीनगर राजभवन में उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की. जिसमें निर्णय लिया गया कि बचाव अभियान समाप्त होने तक यात्रा स्थगित की जा रही है. जम्मू-कश्मीर के एलजी मनोज सिन्हा श्री अमरनाथ तीर्थ बोर्ड के अध्यक्ष भी हैं. उन्होंने कहा कि जल्द ही फिर से यात्रा शुरू की जाएगी.

मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर में रविवार से बारिश की संभावना जताई है. ऐसे में अधिक बारिश की स्थिति में अमरनाथ के आसपास पानी की निकासी के लिए सावधानी बरती जा रही है. सभी घायल तीर्थयात्रियों का इलाज श्रीनगर के अस्पतालों में किया जा रहा है.

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