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गृह मंत्री अमित शाह पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ 2018 के मानहानि मामले में सुनवाई 12 अप्रैल तक के लिए टल गई. जज के छुट्टी पर होने के कारण मंगलवार को सुनवाई नहीं हो सकी. कांग्रेस नेता के खिलाफ मानहानि की शिकायत छह साल पहले भाजपा नेता विजय मिश्रा ने दायर की थी.
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जज के छुट्टी पर होने से नहीं हुई सुनवाई
न्यूज एजेंसी के मुताबिक, अमित शाह के वकील संतोष पांडे ने बताया कि उन्होंने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर गांधी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने की मांग की है. लेकिन जज के छुट्टी पर होने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी. राहुल गांधी के वकील काशी प्रसाद शुक्ला ने कहा कि उन्होंने भी अदालत में एक आवेदन देकर केरल की वायनाड लोकसभा सीट से उम्मीदवार गांधी के कार्यक्रम का हवाला देते हुए सुनवाई के लिए एक और तारीख की मांग की है, जहां नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 4 अप्रैल है.
पिछले साल दिसंबर में कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ वारंट जारी किया था. इसके बाद कांग्रेस नेता ने 20 फरवरी को अमेठी में अपनी भारत जोड़ो न्याय यात्रा रोक दी. वह अदालत में पेश हुए और उन्हें जमानत मिल गई.
अमित शाह पर लगाया था ये आरोप
राहुल गांधी पर आरोप है कि उन्होंने कर्नाटक चुनाव के दौरान मई में बेंगलुरु में एक संवाददाता सम्मेलन में शाह के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. जिसके बाद कांग्रेस नेता के खिलाफ 4 अगस्त, 2018 को यहां शिकायत दर्ज की गई थी. शिकायतकर्ता ने गांधी की इस टिप्पणी का हवाला दिया कि भाजपा ईमानदार और स्वच्छ राजनीति में विश्वास करने का दावा करती है लेकिन उसके एक पार्टी अध्यक्ष हत्या के मामले में आरोपी है. जब राहुल गांधी ने यह टिप्पणी की तब शाह भाजपा अध्यक्ष थे.
राहुल गांधी की टिप्पणी से लगभग चार साल पहले मुंबई की एक विशेष सीबीआई अदालत ने 2005 के फर्जी मुठभेड़ मामले में शाह को आरोपमुक्त कर दिया था. तब वह गुजरात में गृह राज्य मंत्री थे.