
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को 'एजेंडा आजतक' कार्यक्रम में शिरकत की और कई अहम मुद्दों पर अपने विचार रखे. इस दौरान उन्होंने यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर कहा कि भाजपा पीएम मोदी के नेतृत्व में देश में यूसीसी लागू करने पर अडिग है और हम इससे दो कदम भी पीछे नहीं हटेंगे.
अमित शाह से सवाल किया गया कि राज्यों में आप यूसीसी पर बात कर रहे हैं, लेकिन यूनिफॉर्म सिविल कोड को आप राष्ट्रभर में लागू करने के बारे में क्या सोचते हैं? इसके जवाब में उन्होंने कहा, 'देखिए आप इसको भारतीय जनता पार्टी के एजेंडे के रूप में देश की जनता के सामने प्रस्तुत मत करिए. ये संविधानसभा का देश की संसद और विधानमंडलों को एक मेंडेट था'
'कांग्रेस ने वोट बैंक के लिए UCC को अलग वैचारिक कपड़ा पहनाया'
केंद्रीय गृह मंत्री ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांत, यानी संविधान के अनुच्छेद 40 में हमारी संविधानसभा ने कुछ ऐसी चीजें रखी थीं, जिन्हें वह आजादी के तुरंत बाद लागू नहीं कर पायी. तो उसको अनुच्छेद 40 के माध्यम से डायरेक्टिव प्रिंसिपल्स ऑफ स्टेट पॉलिसी में लिया गया. और यूनिफॉर्म सिविल कोड उसमें से एक है. ये बात और है की वोट बैंक की राजनीति के लिए कांग्रेस ने इसको छोड़ दिया, जबकि संविधानसभा में कांग्रेस के ही ज्यादातर नेता थे.
अमित शाह ने कहा, 'परंतु भारतीय जनता पार्टी ने इसे पकड़कर रखा है. क्योंकि किसी भी धर्मनिरपेक्ष शासन का सबसे बड़ा लक्षण यही है कि सर्वधर्म के नागरिकों के लिए एक कानून हो. मगर कांग्रेस ने वोट बैंक की पॉलिटिक्स के कारण यूसीसी को एक अलग वैचारिक कपड़े पहनाने का प्रयास किया. लेकिन भारतीय जनता पार्टी इसमें नहीं मानती. हमारा 1950 के बाद से हर चुनावी संकल्प पत्र का वादा है कि भारतीय जनता पार्टी देश में यूसीसी लाने का प्रयास करेगी'.
'भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यूसीसी लाने पर अडिग है'
उन्होंने कहा, 'अब आप कह रहे हैं कि राज्यों में यूसीसी लाने का प्रयास हो रहा है. देखिए यूनिफॉर्म सिविल कोड एक बहुत बड़ा सामाजिक और कानूनी परिवर्तन है. इस पर सबकी राय चाहिए. तो एक राज्य, दो राज्य, तीन राज्य इसको करते हैं. कमिटियां बनती हैं, सुनवाई होती है. लाखों लोगों से मिला जाता है, उनकी राय ली जाती है और इसके आधार पर एक कानून बनता है, जिसकी लीगल स्क्रूटनी भी होगी. और इसके बाद में जो मैच्योर चीज होगी उसको अपने आप सारा देश स्वीकार करेगा इसका मुझे भरोसा है. मगर ये आप मानकर चलिए की भारतीय जनता पार्टी पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यूसीसी लाने पर अडिग है और हम इससे दो कदम पीछे भी नहीं हटेंगे'.